बालोद टाइम्स
रायपुर/बालोद: छत्तीसगढ़ में एक बड़े अंतरराज्यीय ठग गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।
उद्योगपति को शिकार बनाया: साBaseline रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी के डायरेक्टर से 45 करोड़ का निवेश दिलाने के नाम पर 1.13 करोड़ रुपये ऐंठे।
‘केमिकल’ का जादू: काले कागज पर केमिकल डालकर असली नोट बनाने का दिखाया था लाइव डेमो।
पुलिस कार्रवाई: रायपुर पुलिस (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट व तेलीबांधा थाना) ने नागपुर से गिरोह की दो प्रमुख महिला सदस्यों को गिरफ्तार किया।
क्या है पूरा मामला?
बालोद जिले के ग्राम बोरिदकला निवासी उमेश कुमार सिन्हा (डायरेक्टर, सालिक ग्रीन रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड) अपनी कंपनी के विस्तार और नए प्लांट के लिए करीब 45 करोड़ रुपये के फंड की तलाश में थे। इसी दौरान बिचौलिए राकेश कौशिक के जरिए उनकी मुलाकात दीपक सिंह, अभिषेक सिंह और योगी नामक व्यक्तियों से हुई।
आरोपियों ने खुद को बड़े विदेशी निवेशकों और उच्च अधिकारियों से जुड़ा बताकर 45 करोड़ रुपये का निवेश उपलब्ध कराने का लालच दिया।
चेन्नई से नागपुर तक बुना जाल: ऐसे दिखाया ‘नोट दो गुने’ करने का खेल
विश्वास जीतने के लिए गिरोह ने पीड़ित कारोबारी को चेन्नई, मुंबई और नागपुर के बड़े होटलों में बुलाया।
फर्जी फाइल व अप्रूवल: बड़े अधिकारियों से मीटिंग, फाइल प्रोसेसिंग, सिक्योरिटी क्लीयरेंस और फॉरेन टेस्टिंग का ड्रामा रचा गया।
केमिकल का डेमो: आरोपियों ने पहले से काले रंग से रंगे हुए असली नोटों का इस्तेमाल किया। कारोबारी के सामने उन नोटों को केमिकल में डुबोकर साफ किया और दावा किया कि अमेरिकी तकनीक व हाई-पावर केमिकल से “ब्लैक मनी” को असली भारतीय मुद्रा में बदला जा सकता है।
इसके बाद कभी केमिकल मंगाने, कभी एनओसी (NOC) तो कभी विदेशी चेकिंग के नाम पर किश्तों में कुल 1,13,00,000 रुपये ऐंठ लिए।
नागपुर से गिरफ्तार हुईं गिरोह की 2 महिला आरोपी
ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने तेलीबांधा (रायपुर) थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला तथा पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की मदद से लोकेशन ट्रेस की।
गिरफ्तार आरोपी निवासी पेशा / भूमिका
कनिज फातमा उर्फ भावना पांडेय (25) कोलकाताफैशन डिजाइनर (शिकार को बातों में उलझाना)
दीपिका पालीवाल (24) उदयपुर (राजस्थान)ब्यूटीशियन (कंपनी प्रतिनिधि बनकर भरोसा जीतना)
दोनों महिलाओं को नागपुर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि ये महिलाएं वेतन व कमीशन पर काम करती थीं और बीते कई सालों में देशभर में 20 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह से जुड़ी रही हैं।
बरामदगी एवं कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 मोबाइल फोन, नकद राशि, एटीएम कार्ड व अन्य सामग्री जब्त की है। तेलीबांधा थाना में अपराध क्रमांक 330/2026 के तहत BNS की धारा 318(4) एवं 61(2) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरोह के अन्य मुख्य सरगनाओं की तलाश में पुलिस की अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं।


