30 जून तक भुगतान का मिला था आश्वासन, अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं होने से ठेकेदारों में आक्रोश | नीर भवन रायपुर में धरना प्रदर्शन की घोषणा
रायपुर। प्रदेश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य कर रहे ठेकेदारों ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भुगतान में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ठेकेदारों का आरोप है कि कई कार्य वर्षों पहले पूर्ण किए जा चुके हैं, इसके बावजूद आज तक अंतिम बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। लगातार लंबित भुगतान के कारण ठेकेदार आर्थिक, सामाजिक और मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, ठेकेदारों के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में जल जीवन मिशन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के संचालक एवं सचिव से मुलाकात कर लंबित भुगतान का मुद्दा उठाया था। प्रतिनिधियों का कहना है कि विभाग की ओर से 30 जून 2026 तक भुगतान प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन तय समय निकल जाने के बाद भी किसी भी ठेकेदार का भुगतान प्रारंभ नहीं हुआ।
ठेकेदारों का आरोप है कि भुगतान करने के बजाय विभाग लगातार नए नियमों और नए नोटिसों के माध्यम से प्रक्रिया को और जटिल बना रहा है। इससे पहले ही वित्तीय दबाव झेल रहे ठेकेदारों की स्थिति और खराब होती जा रही है।
ठेकेदार संगठन का दावा है कि भुगतान में लगातार देरी और बढ़ते आर्थिक संकट के कारण कई लोग गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। संगठन के अनुसार, पांच ठेकेदार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावित हुए हैं, जिनमें हार्ट अटैक और लकवे जैसी स्थितियां सामने आई हैं। साथ ही संगठन ने यह भी दावा किया है कि दो ठेकेदारों की मृत्यु आत्महत्या के मामलों में हुई है।
इन परिस्थितियों को देखते हुए ठेकेदारों ने अब आंदोलन का निर्णय लिया है। 6 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे नीर भवन, रायपुर में धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसके लिए प्रदेशभर के ठेकेदारों से अपील की गई है कि वे बड़ी संख्या में उपस्थित होकर लंबित भुगतान और विभागीय प्रक्रियाओं के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं।
ठेकेदारों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल विरोध नहीं, बल्कि समय पर भुगतान, स्पष्ट प्रक्रिया और कार्य करने वाले ठेकेदारों को न्याय दिलाना है। अब सबकी नजर पीएचई विभाग की प्रतिक्रिया और प्रस्तावित आंदोलन पर टिकी हुई है।

