पार्षद सहित नागरिकों ने की आश्रम की संदिग्ध गतिविधियों की जांच और अवैध कब्जे को तोड़ने की मांग
बालोद। बालोद शहर के विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुप में एक ऑडियो और वीडियो वायरल हो रहा था। जिसमें किसी पीड़िता नाबालिग और एक बाबा के बीच बातचीत के अलावा अन्य वीडियो में बाबा द्वारा अपने एक शिष्य को गंदा काम करने पर डांटते फटकारते दिखाया गया था। इस पूरे ऑडियो वीडियो में कई जगह अश्लील बातें हो रही थी। जिससे इस मामले में एक अनैतिक घटना घटे जाने की आशंका व्यक्त की जा रही थी। वीडियो और ऑडियो वायरल होने के बाद पीड़िता के पिता ने बालोद थाने पहुंचकर मामले की शिकायत की और पीड़िता के साथ छेड़खानी करने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराया। छेड़खानी करने वाले मुख्य आरोपी शंभू पंडित मूल निवास बिहार हाल निवास हैदराबाद के साथ वीडियो बनाने वाले राजवीर यादव और कथित बाबा दीनदयाल जेठूमल तीनों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि अभी तक दुष्कर्म जैसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है, छेड़खानी का आरोप लगाया गया है। मामले में मुख्य आरोपी शंभू पंडित जिनके द्वारा पीड़िता से छेड़खानी की गई है वह अभी फरार है । बाबा दीनदयाल और शंभू के बातचीत का वीडियो बनाने वाले राजवीर उर्फ जयवीर यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया है । स्थानीय पाररास रोशन नगर में दीनदयाल वेदांत फाउंडेशन के नाम से आश्रम चलाने वाले कथित बाबा दीनदयाल जेठूमल मूल निवासी गिधाली को गिरफ्तार इसलिए किया गया था क्योंकि उन्होंने इस घटना में साक्ष्य छिपाने का काम किया है।
बालोद शहर के विभिन्न सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था ऑडियो वीडियो
बालोद शहर के कई सोशल मीडिया ग्रुप पर इन दिनों एक ऑडियो और वीडियो जमकर वायरल हो रहा है । जिसमें एक कथित बाबा अपने सामने सफेद कपड़े में बैठे शादीशुदा व्यक्ति को समझाइश देते हुए डांटते कह रहे हैं कि तुमने तो बहुत गंदा काम कर दिया। यह तुमने ठीक नहीं किया है। वह तो मात्र 12 साल की बच्ची है, तुम तो शादीशुदा हो, तीन बच्चों के बाप हो, ऐसी हरकत करने की क्या जरूरत थी। इस वीडियो में 4 मिनट 50 सेकेंड तक कथित बाबा दीनदयाल और उक्त व्यक्ति शंभू के बीच बातचीत को दिखाया गया है। इसके अलावा दो ऑडियो और वायरल हुए हैं जिसमें कथित बाबा और किसी लड़की के बीच बातचीत के अंश है। इसमें लड़की , बाबा को बता रही है कि एक व्यक्ति द्वारा उनके साथ नीच हरकत की गई है। ऑडियो को अगर ध्यान से सुनते हैं तो उसमें जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया जा रहा है उसके द्वारा किसी अन्य के साथ में भी इस तरह की घटना को अंजाम दिए जाने और किसी एक लड़की के गर्भवती होने फिर उसका गर्भपात कराए जाने का भी जिक्र किया जा रहा है। ऐसे में मामला सनसनीखेज रूप ले सकता है।
पार्षद के नेतृत्व में की गई है एसपी,नगर पालिका और एसडीएम से शिकायत
इस वायरल ऑडियो और वीडियो को आधार बनाकर बालोद शहर के वार्ड 20 के जागरूक नागरिकों ने पार्षद कसीमुद्दीन कुरेशी उर्फ कल्लू भैया के नेतृत्व में पिछले दिनों एसपी कार्यालय में जाकर एक शिकायती आवेदन भी दिया था। वहीं शुक्रवार को अन्य पार्षदों ने भी मिलकर नागरिकों के साथ एसडीएम और नगर पालिका प्रशासन में उक्त आश्रम की गतिविधियों की जांच करने और आश्रम द्वारा किए गए सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा को हटवाने संबंधित आवेदन दिया गया है। पार्षद कल्लू भैया ने कहा कि ऑडियो वीडियो को सुनने देखने से लोगों में आश्रम में संदिग्ध गतिविधियों के होने का डर है। साथ ही वार्ड का माहौल खराब होने की आशंका है।वीडियो में बाबा खुद सामने वाले को डांटते हुए कह रहे हैं कि मेरे पास तो पूरी रिकॉर्डिंग है, बच्ची ने तुम्हारी हरकत के बारे में सब कुछ बताया है। इधर अधिकारियों को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि बालोद नगर के वार्ड 20 में पिछले 5 सालों से दूसरे राज्य के व्यक्तियों द्वारा एक फाउंडेशन के नाम पर आश्रम खोला गया है। जिनके द्वारा 50 डिसमिल से अधिक सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा भी किया गया है। जहां उक्त आश्रम के संचालक के अलावा दूसरे राज्य के कई लोग रहते हैं। शिकायती ज्ञापन में नागरिकों का आरोप है कि उक्त आश्रम के संचालक और वहां रहने वाले एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर तीन चार दिनों से वायरल हो रहा है। जिसमें किसी 12 साल की नाबालिग बच्ची के साथ अश्लील हरकत किए जाने पर आश्रम के संचालक उन्हें डांट रहे हैं और एक ऑडियो भी वायरल हुआ है जिसमें एक व्यक्ति, किसी बच्ची से बात कर रहे हैं और बच्ची के साथ हुई घटना के बारे में उनके माता-पिता को नहीं बताने की बात उनके द्वारा कहा जा रहा है। इसके अलावा और भी कई बच्चियों या लड़कियों के शिकार होने की भी आशंका है। वीडियो और ऑडियो वायरल होने से वार्ड वासियों में उक्त दीनदयाल आश्रम के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। आशंका यह भी की जा रही है कि उक्त आश्रम में तंत्र-मंत्र और झाड़ फूंक जैसे कार्य भी किए जाते हैं। जिससे वार्ड वासियों में भय का माहौल रहता है। पूर्व में भी उक्त आश्रम के संचालक के खिलाफ शिकायत की गई थी। किंतु आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। अब इस ऑडियो और वीडियो के वायरल होने के बाद मामला गर्म होता नजर आ रहा है।
शंभू था बाबा का सबसे नजदीकी आदमी, फरवरी का है वीडियो और मामला
हमारे द्वारा जब मामले की पड़ताल की गई तो यह स्पष्ट हुआ कि जो वीडियो और ऑडियो सामने आया है वह फरवरी 2025 का है। बाबा ने खुद अपने साथी राजवीर यादव से शंभू को डांटते फटकारते समझाते वीडियो बनवाया था। शंभू पंडित, बाबा का करीबी बताया गया है एक तरह से वह बाबा का राइट हैंड था। आश्रम के अधिकतर काम वही देखता था। जिसकी आड़ में वह गंदी हरकत करता था । पूछताछ में बाबा दीनदयाल ने पुलिस के सामने बताया है कि वह सिर्फ आश्रम की बदनामी न हो इस उद्देश्य से मामले में दोनों पक्ष को समझाइश दिया था। उन्होंने बदनामी के डर से पुलिस या अन्य किसी बाहरी व्यक्ति को इसकी जानकारी नहीं दी थी। लेकिन सबूत के तौर पर बाबा ने वीडियो बनवाया था।
वायरल हुआ वीडियो ऑडियो तो पीड़िता पक्ष आया सामने
मामले में बड़ी बात यह है कि जब वीडियो और ऑडियो कुछ दिन से वायरल हुआ और मामले की शिकायत पार्षद सहित नागरिकों द्वारा एसपी से की गई जिसके बाद मामला मीडिया में आया तब पुलिस ने भी इसे संज्ञान में लिया और पीड़िता के परिजन भी सामने आए। जानकारी अनुसार पीड़िता धमतरी जिले की है। जो जनवरी फरवरी में योग ध्यान और साधना सीखने बालोद के उक्त आश्रम में आई थी लेकिन वह यहां दैहिक शोषण का शिकार हो गई । पुलिस ने प्रारंभिक जांच में फिलहाल तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है लेकिन अगर बारीकी से जांच किए जाए तो मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
बाबा तो अपने शिष्यों के लिए हैं एक भगवान पर उनका ही आदमी करने लगा उन्हें ब्लैकमेल
इधर गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा होने वाले बाबा दीनदयाल जेठूमल अब मीडिया के सामने अपनी सफाई दे रहे हैं कि घटना कोई बड़ी नहीं थी। सब अपने बच्चों के बीच हुआ थी। कुछ लोग इसे तुल देकर मामले को बड़ा बता रहे है तो वही उन्होंने अपने वीडियो बनाने वाले राजवीर उर्फ जयवीर यादव पर ब्लैकमेलिंग करने का आरोप लगाया है। बाबा का कहना है कि फरवरी में घटना के बारे में पीड़िता ने उन्हें फोन पर जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि दिन में उनके साथ आश्रम के बाहर किसी के घर के पास शंभू पंडित ने प्यार का इजहार करते हुए हाथ आदि पकड़ लिया था। इसके बाद मैं अपने शिष्य शंभू पंडित को समझाया भी था। इस दौरान मेरा ही वीडियोग्राफर जय वीर उर्फ राजवीर यादव वीडियो बना रहा था। हमने दोनों पक्ष की समझाइश के बाद मामला शांत कर दिया था। चूंकि घटना दिन की थी तो ऐसी कोई बड़ी घटना मैं नहीं समझा और फिर मामला शांत हो गया। कुछ महीने बाद राजवीर यादव द्वारा मुझे शंभू पटेल को डांटते वाला वीडियो दिखाकर ब्लैकमेलिंग किया गया कि मुझे पैसे चाहिए। उनके द्वारा काफी ज्यादा डिमांड की गई। कहने लगा कि आश्रम बेचकर जितने पैसे आ सकते हैं वह सब मुझे दे दो। उसके द्वारा जबरदस्ती मेरे मोटरसाइकिल को भी बेच दिया गया और मुझसे 18000 रुपए भी वसूल लिया ।जिसका ऑडियो रिकॉर्ड मेरे पास सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि राजवीर यादव की ब्लैकमेलिंग से परेशान था और मैंने उसके मांग के मुताबिक पैसे नहीं दिए थे। उन्होंने फिर वीडियो ऑडियो वायरल कर दिया। जबकि मामला उसी समय शांत हो गया था। सभी अपने बच्चे हैं। अगर अपने ही पैर में कोई फोड़ा हो जाए तो पैर को काटकर नहीं फेंकते बल्कि सुधार करते हैं। ऐसा ही मैंने किया था। पर अब कुछ लोग ऑडियो वीडियो वायरल होने के बाद मामले को बड़ा स्वरूप प्रदान कर रहे हैं। बाबा के मीडिया में दिए इस बयान को लेकर भी लोगों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है।
आश्रम और बाबा दीनदयाल का जानिए बैकग्राउंड
आपको जानकर अचंभा लगेगा कि बाबा के कई रूप है। जहां उनका मूल निवास ग्राम गिधाली बालोद जिला है। जहां वे पहले किसान और सिर्फ ग्रामीण बनकर रहा करते थे। उसके बाद बाबा बनकर दूसरे राह पर चल दिए। विगत कई वर्षों से बालोद में ही अपने आश्रम में निवास करते हैं। बाबा का साम्राज्य काफी फैला हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि उनके आश्रम में स्थानीय बालोद जिला या छत्तीसगढ़ से कम, दूसरे राज्य खासकर उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, पश्चिम बंगाल, यहां तक की दूसरे देश बांग्लादेश के भी साधक और अनुयाई जुड़े हुए हैं। आश्रम में विभिन्न अवसरों पर लगने वाले शिविर में योग साधना तंत्र मंत्र आदि सीखने के लिए उनके साधक आते रहते हैं। मंत्र ज्ञान के नाम से उनका विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आईडी बना हुआ है जिसमें उनके आश्रम की कई गतिविधियों से संबंधित वीडियो भी अपलोड और उनके लाखों फॉलोवर है। हमने उनके सोशल मीडिया अकाउंट को खंगाला तो कई ऐसे वीडियो देखने को मिले जो उनके साधकों की भक्ति और विभिन्न चमत्कारों तक का भी दावा करती है। कुछ वीडियो में तो काले जादू को लेकर भी चर्चा होती दिख रही है। कुछ वीडियो में तो बाकायदा उनके साधक उन्हें भगवान का दर्जा देकर उनकी पूजा करते, उनके सामने लेट कर दंडवत प्रणाम करते नजर आ रहे हैं। अपने शिष्यों के लिए वे भगवान तुल्य जाने जाते हैं। पर किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि बाबा इस तरह से आगे ब्लैकमेलिंग का शिकार होंगे और फिर आश्रम की छवि पर कीचड़ उछलना शुरू हो जाएगा।
खुद इंटरनेशनल स्तर के एथलेटिक्स खिलाड़ी भी है बाबा
आमतौर पर बाबाओं को लेकर कई तरह की भ्रांतियां लोगों में फैली रहती है। पर बालोद वाले इस बाबा की कुछ खासियत भी है। जहां वे अपने साधकों के लिए ईश्वर तुल्य हैं तो दूसरी ओर वे खिलाड़ियों के लिए एक प्रशिक्षक के तौर पर भी जाने जाते हैं। वे खुद इंटरनेशनल स्तर के एथलेटिक्स खिलाड़ी है। भारत से दूसरे राज्यों में भी कई प्रतियोगिता में भाग लेकर मेडल जीत चुके हैं। उनके कई वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर है। जिनमें वे बाहर से आए बच्चों और स्थानीय कुछ बच्चों और खिलाड़ियों को बंजारी धाम मैदान जुंगेरा में प्रशिक्षण देते नजर आ रहे हैं। योग के भी वे प्रशिक्षक हैं। उनके कई आसनों में योग करते हुए, लोगों को योग के फायदे भी गिनाते नजर आते हैं। इन सब खूबियों के बाद भी बाबा आखिर एक साक्ष्य छिपाने के अपराध में फस गए। हालांकि अभी भी वे इस मामले को हल्के में ही ले रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसी कोई बड़ी घटना नहीं हुई है उनके शिष्य शंभू पंडित ने मजाक एक बच्ची से कुछ बातें कह दी होगी। वहीं हम इधर अगर वायरल ऑडियो और वीडियो को ध्यान से सुनते हैं तो उसमें किसी तरह से मजाक नहीं लगता है। पीड़िता द्वारा गुरुदेव को विस्तार से अपने साथ हुई ज्यादती और दैहिक शोषण को बताया जा रहा है। जिसमें कहा जाता है कि संबंधित आरोपी शंभू पंडित द्वारा उनके शरीर के कई हिस्सों को छुआ जाता था। उन्हें इस बात का होश भी नहीं रहता था कि कैसे पीड़िता उसकी वश में है। इस तरह तंत्र-मंत्र वशीकरण को लेकर भी यह मामला इशारा करता है। उनके आश्रम में बाहर से अधिकतर लोग इसी तरह की विद्या सीखने के लिए आते थे और अपनी इंद्रिय शक्ति, कुंडली जागृत करके, खुद की अंतरशक्ति बढ़ाने के लिए लोग साधना करते हैं, हालांकि आज के वैज्ञानिक दौर में इन सब बातों की प्रामाणिकता सिद्ध नहीं की जाती है। पर जिस तरह से देश और विदेश के कई हिस्सों में उनके लाखों साधक फैले हुए हैं इस बात को नजर अंदाज भी नहीं किया जा सकता कि वहां किस तरह की तंत्र-मंत्र विद्या सिखाई जाती है?

