बालोद टाइम्स
बालोद: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के बालोद जिला मीडिया प्रभारी अभिन्न यादव इन दिनों दिल्ली प्रवास पर हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने भाजपा के शीर्ष राष्ट्रीय नेतृत्व और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर संगठन, विचारधारा, राजनीतिक कार्यशैली तथा केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिला संगठन विस्तार का मार्गदर्शन
दिल्ली प्रवास का सबसे खास और भावुक क्षण तब देखने को मिला जब अभिन्न यादव ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नितिन नबीन को उनके पिता स्व. नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा की एक सुंदर स्केच पेंटिंग सप्रेम भेंट की। अपनी इस व्यक्तिगत और आत्मीय भेंट पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रसन्नता व्यक्त की।
वार्ता के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अभिन्न यादव को संगठन में निरंतर सक्रिय रहने, युवाओं और कार्यकर्ताओं से जीवंत संवाद बनाए रखने और संगठन कार्यप्रणाली को मजबूत करने का मार्गदर्शन दिया।

सांसद और विधायकों के साथ विभिन्न मुद्दों पर संवाद
अपनी यात्रा के क्रम में अभिन्न यादव ने अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाकात कर अनुभव साझा किए:
राज्यसभा सांसद महेश केवट: मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद महेश केवट से मुलाकात के दौरान केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ और छत्तीसगढ़ में युवाओं व किसानों के लिए स्वरोजगार के अवसरों पर चर्चा हुई।
विधायक लक्ष्मण चंद्र घोरुई: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर पश्चिम से दो बार के भाजपा विधायक लक्ष्मण चंद्र घोरुई से मुलाकात कर विपरीत परिस्थितियों में संगठन की मजबूती और संघर्षशील राजनीति के अनुभवों को समझा।
पिता की राजनीतिक विरासत और खुद की पहचान
बालोद जिले के कद्दावर एवं वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश यादव के सुपुत्र अभिन्न यादव कम उम्र में ही संगठन की बड़ी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। वर्तमान में भाजयुमो जिला मीडिया प्रभारी के रूप में संगठन की गतिविधियों को जनता तक पहुँचाने का काम कर रहे हैं।
राजनैतिक पृष्ठभूमि से आने के बावजूद वे अपनी सक्रियता, संवाद शैली और कड़ी मेहनत से अपनी खुद की पहचान बना रहे हैं, जिसकी चर्चा अब बालोद के राजनीतिक गलियारों में जोरों पर है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभिन्न यादव का यह दिल्ली प्रवास केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं था, बल्कि यह ‘संपर्क से संवाद, संवाद से सीख और सीख से संगठनात्मक विस्तार’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।


