बालोद टाइम्स
सुकमा। छत्तीसगढ़ शासन के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के सचिव तथा जिले के प्रभारी सचिव श्री राजेश सिंह राणा ने अपने एक दिवसीय सुकमा प्रवास के दौरान पुनर्वासित युवाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने पुनर्वासित युवाओं के साथ ज़मीन पर बैठकर उनके हाथों बना भोजन किया, साथ ही डिजिटल दुनिया से जोड़ने के लिए 5G स्मार्टफोन प्रदान किए।
इस दौरान कलेक्टर श्री अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री मयंक गुर्जर एवं जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर भी उनके साथ उपस्थित रहे।

प्रमुख बिंदु:
कौशल विकास और स्वरोजगार: लाइवलीहुड कॉलेज में ग्रामोद्योग विभाग की पहल पर 20 पुनर्वासित युवाओं के लिए दो माह के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इसमें युवाओं को कोसा से सिल्क निकालने, उन्नत हथकरघा पर साड़ी बुनने और आधुनिक सिलाई का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डिजिटल सशक्तिकरण: पुनर्वास नीति के तहत 20 पुनर्वासित युवाओं को 5G स्मार्टफोन दिए गए, ताकि वे आधुनिक संचार तकनीकों और डिजिटल साधनों से जुड़ सकें।
संवेदनशीलता और संवाद: पुनर्वास केंद्र में प्रभारी सचिव ने बिना किसी औपचारिकता के युवाओं के साथ ज़मीन पर बैठकर उनके हाथों से बना भोजन ग्रहण किया। इस आत्मीय व्यवहार ने प्रशासन और युवाओं के बीच विश्वास का संदेश दिया।
पर्यटन विकास (तुंगल डैम): प्रवास के अंतिम चरण में श्री राणा ने तुंगल डैम का अवलोकन किया और इसे प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही, वहाँ आए स्कूली बच्चों से संवाद कर उन्हें बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित किया।

यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित न रहकर पुनर्वासित युवाओं को कौशल, तकनीक और आजीविका के अवसरों से सशक्त बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ है।


