बालोद टाइम्स
दल्ली राजहरा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं जिला महामंत्री सौरभ लूनिया और नगर पालिका परिषद दल्ली राजहरा के अध्यक्ष तोरन लाल साहू के समर्थन में जिले भर के जिम्मेदार पार्टी पदाधिकारी और पार्षद एकजुट हो गए हैं। फर्जी शिकायतों और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से जनप्रिय नेताओं की छवि धूमिल करने के षड़यंत्र का पर्दाफाश करते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से सख्त वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।
षड़यंत्र का पर्दाफाश: धोखे से लिए गए थे पार्षदों के हस्ताक्षर
मामले का खुलासा तब हुआ जब कई पार्षदों ने लिखित आवेदन देकर स्पष्ट किया कि 20 सितंबर 2026 को भाजपा के फर्जी/अनाधिकृत लेटर हेड पर विषय और प्रयोजन छिपाकर उनसे कोरे पन्नों पर हस्ताक्षर करवाए गए थे। बाद में इस हस्ताक्षरित लेटर हेड का गलत इस्तेमाल कर भाजपा जिला महामंत्री सौरभ लूनिया और अन्य वरिष्ठ नेताओं के विरुद्ध झूठी व मनगढ़ंत शिकायतें पुलिस मुख्यालय भेजी गईं।
पार्षदों ने अपने बयान में साफ कहा है कि बिना जानकारी के कराए गए हस्ताक्षरों को उनकी सहमति न माना जाए और ऐसे कूटरचित षड़यंत्र की निष्पक्ष जांच की जाए।

संगठन और जनप्रतिनिधियों ने डीजीपी को सौंपा पत्र
भाजपा मंडल दल्ली राजहरा के अध्यक्ष रामेश्वर साहू तथा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष तोरन लाल साहू के नेतृत्व में पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय (नवा रायपुर) को आधिकारिक पत्र भेजा गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि:
भाजपा के अधिकृत लेटर हेड का बिना अनुमति अनधिकृत दुरुपयोग किया गया है।
पार्षदों को भ्रमित कर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और जिला महामंत्री सौरभ लूनिया की छवि खराब करने के लिए सोशल मीडिया एवं उच्च स्तर पर भ्रामक व मानहानिकारक प्रचार किया गया।
इस कृत्य से पार्टी की साख को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया गया है, जिससे कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।

षड़यंत्रकारियों पर कार्रवाई की मांग
मंडल अध्यक्ष रामेश्वर साहू, नगर पालिका अध्यक्ष तोरन लाल साहू, उपाध्यक्ष मनोज दुबे, मंडल महामंत्री पुरषोत्तम ठाकुर, मंडल उपाध्यक्ष मुकेश खरसन, महिला मोर्चा पदाधिकारी व पार्षदगण (जैसे सुनीता भांडेकर, अनीता साई, मोनिका साहू, अरुणा बाई, मेवा लाल पटेल, ज्योति, गायत्री जैन आदि) ने मांग की है कि फर्जी शिकायतें दर्ज कराने और पार्टी के लेटर हेड का दुरुपयोग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
जिले के जिम्मेदार नेताओं के एकसुर में पक्ष में खड़े होने से फर्जी आरोप लगाने वाले षड़यंत्रकारियों के मंसूबों पर पानी फिर गया है और कार्यकर्ताओं का मनोबल और मजबूत हुआ है


