आरएसएस द्वारा रायपुर में प्रांत स्तरीय सद्भावना बैठक संपन्न
रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, छत्तीसगढ़ प्रांत द्वारा आयोजित प्रांत स्तरीय सामाजिक सद्भावना बैठक 1 जनवरी 2026 को महर्षि बाल्मीकि सभा गृह, राम मंदिर, वीआईपी रोड, रायपुर में सम्पन्न हुई। बैठक के मुख्य अतिथि संघ के माननीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि समाज की प्रथम इकाई परिवार है। परिवार से सद्भाव की शुरुआत होने पर मोहल्ला, गाँव, विकासखंड और जिला स्तर तक सामाजिक समरसता स्वतः मजबूत होती है। उन्होंने बताया कि आपसी संवाद और बैठकों के माध्यम से छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान स्वयं समाज के भीतर ही संभव है।

उन्होंने आगामी फरवरी माह में प्रत्येक जिला एवं विकासखंड स्तर पर होने वाली सामाजिक सद्भावना बैठकों में सभी समाजों के पदाधिकारियों से सक्रिय सहभागिता की अपील की तथा समाज व राष्ट्र हित में अपने सामाजिक दायित्वों के निर्वहन का आह्वान किया।
प्रांत स्तरीय सद्भावना बैठक में राष्ट्रीय रजक महासंघ, छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष श्री विश्राम निर्मलकर ने कहा कि अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान भाव हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। विविधताओं से भरे इंद्रधनुषी भारत में अनेक जातियाँ, पंथ, संप्रदाय और मत हैं, जिनमें निहित ज्ञान, दर्शन, कला, साहित्य, संगीत और लोक-रीतियाँ हमारी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर के प्राण हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन ही हमारे अतीत, वर्तमान और भविष्य के जीवन-मूल्यों को सुदृढ़ करता है।
बैठक में प्रमुख रूप से केसर निर्मलकर (प्रदेश संरक्षक, गरियाबंद), डॉ. लेखराम निर्मलकर (प्रदेश उपाध्यक्ष, राजनांदगांव), पवन गंगबोईर (प्रदेश सलाहकार, दल्ली राजहरा), डॉ. उग्र सेन कन्नौजे (प्रदेश संयोजक—कला एवं संस्कृति प्रकोष्ठ), श्रीमती सुमन कन्नौजे (संयोजक—महिला प्रकोष्ठ, भिलाई), गिरधारी निर्मलकर (संयोजक, बेमेतरा), परसराम निर्णेजक (बिलासपुर), एम. आर. कौशिक, लक्ष्मीकांत निर्णेजक, डॉ. प्रदीप निर्णेजक तथा अरुण निर्णेजक सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

