संजय बैस (पूर्व जनपद सदस्य) ने की पेश की मानवता की मिसाल दूसरे चरण में लेकर गए 40 लोगों को नेत्र ऑपरेशन के लिए
बालोद/कुसुमकसा – जन्म देने वाले मां पिताजी को मृत्यु उपरांत याद करना तो कई बेटे और बेटियां करते हैं। लेकिन अपने पिता की पुण्यतिथि पर सैकड़ो की संख्या में लोगों को रोशनी देने का कार्य बिरले ही लोग करते हैं । उनके द्वारा किए गए कार्य की प्रशंसा मानव तो करते ही हैं लेकिन देवताओं…

