Skip to main content

Balod Times

❝क्या बालोद में मर चुकी है मानवता? निर्वस्त्र विक्षिप्त महिला की पीड़ा पर समाज रहा मूकदर्शक❞

बालोद। जब मानवता संवेदना की सीमा लांघकर बेशर्मी में बदल जाए, तब यह कहना गलत नहीं होगा कि हम कलयुग के सबसे कड़वे सच से रूबरू हैं। ऐसा ही एक शर्मनाक और पीड़ादायक दृश्य बालोद जिला मुख्यालय के बस स्टैंड में देखने को मिला, जहाँ पिछले कई वर्षों से एक विक्षिप्त वृद्ध महिला भीख मांगकर…

Read More
error: Content is protected !!