बालोद। बुधवार को जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक काफी हंगामेदार रही। बैठक में कई प्रमुख विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सदन के सदस्यों ने तीखी नाराजगी जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी ने उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं, जिला आबकारी अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीनों अधिकारियों को दो दिन के भीतर स्वयं उपस्थित होकर अनुपस्थिति का कारण प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
वहीं डीएफओ की अनुपस्थिति पर कलेक्टर के अनुमोदन पश्चात नोटिस जारी करने की बात कही गई।
बैठक की पृष्ठभूमि
सुबह 11 बजे जिला पंचायत सभागार में आयोजित इस बैठक के लिए सभी विभागों को 19 जनवरी 2026 तक 30 प्रतियों में विभागीय जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद प्रमुख विभागों के अधिकारी अनुपस्थित रहे, जिससे विभागीय समीक्षा संभव नहीं हो पाई।
- उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं का एजेंडा बैठक में शामिल था, पर विभागीय जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई।
- जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 13 नवंबर 2025 की पिछली बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा होनी थी, लेकिन न तो प्रतिवेदन दिया गया और न ही वे बैठक में उपस्थित है।
सदन में गूंजे गंभीर मुद्दे
बैठक में सागौन की अवैध कटाई का मामला जोर-शोर से उठा।
- जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर ने सीएमएचओ से स्वास्थ्य कर्मियों की मूल पदस्थापना से इतर सेवाएं देने और वेतन निर्गमन पर सवाल किए।
- रात के समय शासकीय अस्पतालों में प्रसव न होने के आरोपों पर भी जवाब तलब किया गया। मितानिनों की शिकायतों का हवाला देते हुए इसे गंभीर विषय बताया गया।
- सदस्य गुलशन चंद्राकर ने रानीतराई व केवंट नवागांव में प्रसव न होने की जानकारी सदन में रखी।
- वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठे। सदन में उपस्थित एसडीओ के संतोषजनक उत्तर न देने पर सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।
इसके अलावा जंबूरी में कथित भ्रष्टाचार, धान खरीदी में अव्यवस्था, टोकन जारी न होना, स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था, जंगल में लावारिस हालत में मिला धान का ट्रक जैसे कई मुद्दे उठे।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर सदस्यों ने चेतावनी दी कि अगली बैठक में पूरी तैयारी के साथ उपस्थित न होने पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।
पीडब्ल्यूडी ईई की उपस्थिति पर राहत
बैठक में पीडब्ल्यूडी विभाग की ईई की उपस्थिति पर सदस्यों ने प्रसन्नता जताई। उल्लेखनीय है कि 13 नवंबर 2025 की पिछली बैठक में ईई की अनुपस्थिति पर सदन में हंगामा हुआ था और अगली बैठक ईई के कक्ष में करने की चेतावनी दी गई थी। मीडिया में समाचार प्रकाशित होने के बाद 21 जनवरी की बैठक में ईई उपस्थित रहीं।
उपस्थित रहे।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर, उपाध्यक्ष तोमन साहू, सीईओ सुनील चंद्रवंशी, सदस्य मिथलेश नुरोटी, गुलशन चंद्राकर, नीलिमा श्याम, मीना साहू, चंद्रिका गंजीर, राजाराम तारम, कांति सोनेश्वरी, चुन्नी मानकर, सहित बालोद, डौंडी, डौंडीलोहारा के जनपद अध्यक्ष, विधायक प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
संक्षेप में: बैठक में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ा संदेश, वन-स्वास्थ्य-धान खरीदी जैसे अहम मुद्दों पर तीखी बहस और अगली बैठक के लिए सख्त चेतावनी—जिला पंचायत की यह सामान्य सभा कई मायनों में निर्णायक रही।

