बालोद टाइम्स
बालोद (छत्तीसगढ़)। बालोद जिले के गुरूर पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सोंहपुर और रमतरा के 25 से अधिक किसानों के साथ अनाज खरीदी के नाम पर 10.79 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गुरूर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मुख्य बिंदु
स्थान: ग्राम सोंहपुर और रमतरा, थाना गुरूर (जिला बालोद)
ठगी की राशि: ₹10,79,000 (करीब 25 किसानों से)
गिरफ्तार आरोपी:
भानुप्रताप सिन्हा (31 वर्ष), निवासी बोरतरा
इमेंद्र कुमार ठाकुर (39 वर्ष), निवासी सोंहपुर
फरार आरोपी: हितेश्वर मंडावी (पुलिस तलाश में जुटी)
जब्त संपत्ति: घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन (क्रमांक CG 24 E 1300, कीमत ₹5 लाख)

झांसा देकर लिया अनाज, भुगतान से मुकरे
पुलिस के अनुसार, अप्रैल 2026 में आरोपियों ने स्थानीय बिचौलिए के जरिए किसानों से संपर्क किया और बाजार मूल्य से अधिक दाम पर चना, अरहर, लाखड़ी व बटरी खरीदने का लालच दिया। सोंहपुर के 13 किसानों से ₹5.74 लाख तथा रमतरा के 12 किसानों से ₹5.05 लाख का अनाज पिकअप में लोड कर ले जाया गया। कुछ महीनों का समय बीत जाने के बाद भी जब भुगतान नहीं मिला, तो किसानों को ठगी का अहसास हुआ।
20 अगस्त 2026 को किसान मिथलेश कुमार साहू के नेतृत्व में पीड़ित ग्रामीणों ने गुरूर थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।

24 घंटे में कार्रवाई, आरोपी भेजे गए जेल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। 21 अगस्त को आरोपियों को सीजेएम न्यायालय बालोद में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इस सफल कार्रवाई में गुरूर थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह, एएसआई कुलेश्वर यादव, आरक्षक पिताम्बर निषाद, कोमल साहू, पुलेश कटेन्द्र और विवेक सिन्हा की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अब फरार आरोपी हितेश्वर मंडावी की तलाश में जुटी है।


