बालोद – शहर की सामान्य सभा की बैठक आज हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक में जनहित के बुनियादी मुद्दों—पानी, सड़क, सफाई और बिजली—पर चर्चा न होने और विपक्ष की आवाज़ को दबाने के विरोध में कांग्रेस के सभी पार्षदों ने सामूहिक रूप से वॉकआउट कर दिया।
जनता की अनदेखी का आरोप:
कांग्रेस पार्षदों का कहना है कि सभा में जनता से जुड़े असली मुद्दों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। जब पार्षदों ने शहर की खराब सड़कों और पानी की किल्लत का मुद्दा उठाना चाहा, तो उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया और उनकी आवाज़ को दबाने की कोशिश की गई।
बहिष्कार और एकजुटता:
सदन की कार्यप्रणाली से नाराज होकर कांग्रेस पार्षदों ने एकजुटता दिखाई और बैठक का बहिष्कार करते हुए सदन से बाहर निकल गए। पार्षदों ने स्पष्ट किया कि “जहाँ जनता की आवाज़ नहीं सुनी जाएगी, वहाँ हमारा बैठना उचित नहीं है।”
आगामी रणनीति:
कांग्रेस दल ने मौजूदा कार्यशैली को सिरे से खारिज करते हुए चेतावनी दी है कि वे सदन के अंदर और बाहर जनता के हक की लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने प्रशासन और सत्ता पक्ष पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष और तेज किया जाएगा।

