बालोद टाइम्स
बालोद। जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे और साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों को राहत दिलाने के उद्देश्य से बालोद पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण (भा.पु.से.) के निर्देशन और एसडीओपी श्री विनय कुमार के पर्यवेक्षण में जिले के सभी थाना प्रभारियों की एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अपराधों की रोकथाम, साइबर सुरक्षा, चोरी के मामलों के निराकरण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।

1. चोरी के लंबित मामलों का त्वरित निपटारा
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना क्षेत्रों में लंबित पड़े चोरी के प्रकरणों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि चोरी की वारदातों को जल्द से जल्द डिटेक्ट कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर लगातार पैनी नजर रखने पर जोर दिया गया।
2. साइबर ठगी के पीड़ितों को मिलेगा रिफंड
बैठक में साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और पीड़ितों को आर्थिक राहत पहुंचाने के लिए विशेष चर्चा हुई। CCTNS ऑपरेटर्स को MRM/GRM पोर्टल के माध्यम से साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों को उनकी डूबी हुई राशि रिफंड कराने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। इसके अलावा Cytrain और समन्वय पोर्टल के बेहतर उपयोग की जानकारी दी गई, ताकि साइबर अपराध से जुड़े मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा सके।
3. बाहरी कबाड़ियों और अवैध कारोबार पर कड़ा शिकंजा
जिले में कबाड़ के अवैध कारोबार को रोकने के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले संदिग्ध कबाड़ियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। बालोद जिले के भीतर कबाड़ खरीदी-बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत सख्त वैधानिक कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।
4. पुलिसकर्मी बढ़ाएंगे तकनीकी दक्षता, बीट सिस्टम होगा मजबूत
पुलिस कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकी संसाधनों के उपयोग में अपनी दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, थाना प्रभारियों को अपने-अपने बीट क्षेत्रों में आम जनता से निरंतर संवाद स्थापित कर एक मजबूत सूचना तंत्र (इंटेलीजेंस नेटवर्क) विकसित करने को कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी समय रहते पुलिस को मिल सके।

बालोद पुलिस का संकल्प:
कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाना, साइबर ठगी पीड़ितों को राहत देना और जिले को अपराध-मुक्त रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


