बालोद टाइम्स
बालोद। डौंडी वन परिक्षेत्र के मरदेल जंगल में छोड़े गए भालू को लेकर वन विभाग ने सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है। डीएफओ अभिषेक अग्रवाल के मार्गदर्शन में वन अमला लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त कर रहा है, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
गांव से 15-17 किमी दूर पहुंचा भालू
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मरदेल के जंगल में छोड़ा गया भालू अब आबादी वाले क्षेत्रों से दूर लगभग 15 से 17 किलोमीटर अंदर जंगल की ओर चला गया है। विभागीय टीम उसकी लोकेशन और गतिविधियों पर लगातार नज़र बनाए हुए है।

रात-दिन बढ़ाई गई गश्त
भालू के संभावित विचरण क्षेत्रों जैसे मरदेल, आमाडुला, जिलावाही, चिहरो और दीघवाड़ी (वन भ्रमण कक्ष क्रमांक RF-126) में वन अमला तैनात किया गया है। सहायक वृत्त कुवागोंदी और आमाडुला के कर्मचारियों द्वारा विशेष रूप से रात्रि गश्त की जा रही है। इसके अलावा, कुआगोंदी वनोपज जांच नाके पर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
स्कूली बच्चों के साथ तैनात वनकर्मी
दईहान क्षेत्र में ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। वन कर्मी स्कूली बच्चों के आने-जाने के दौरान उनके साथ रहकर निगरानी कर रहे हैं, ताकि बच्चे बिना किसी भय के स्कूल आ-जा सकें।

डीएफओ की अपील: सुरक्षा पहली प्राथमिकता
डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने ग्रामीणों से न घबराने की अपील करते हुए कहा है कि वन विभाग की टीम 24 घंटे अलर्ट मोड पर है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीणों की सुरक्षा विभाग की पहली प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।


