सांकरा अस्पताल में मचा हड़कंप, ग्रामीणों ने किया हंगामा; प्रभारी चिकित्सक ने मांगी माफी, कहा– कार्यभार के कारण हुई मानवीय भूल
बालोद। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सांकरा में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। कमजोरी और लो ब्लड प्रेशर (बीपी) की शिकायत लेकर उपचार कराने पहुंची एक महिला को कथित तौर पर गर्भनिरोधक ‘अंतरा’ इंजेक्शन लगा दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचकर नर्स तथा प्रभारी चिकित्सक से जवाब-तलब करने लगे।
ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में पदस्थ नर्स आराधना बंजारा ने बिना पर्ची का सही तरीके से परीक्षण किए महिला को गलत इंजेक्शन लगा दिया। उनका कहना है कि अस्पताल में बिना पर्ची देखे दवा और इंजेक्शन देने की लापरवाही लंबे समय से जारी है।
पति बोला— नसबंदी नहीं हुई होती तो हो सकता था बड़ा नुकसान
महिला के पति टोकेश ने बताया कि उनकी पत्नी की पहले ही नसबंदी हो चुकी है। इसी वजह से किसी गंभीर स्थिति की आशंका नहीं रही। उन्होंने कहा कि यदि यह गलती किसी ऐसी महिला के साथ होती जिसकी नसबंदी नहीं हुई होती, तो गंभीर परिणाम सामने आ सकते थे। उन्होंने इस घटना को मरीजों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया।
पहले भी लग चुके हैं गलत दवा देने के आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि नर्स आराधना बंजारा के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। जगन्नाथपुर की महिलाओं ने आरोप लगाया था कि ताकत की सिरप मांगने पर उन्हें सर्दी-खांसी की सिरप दे दी गई थी। इसके अलावा मरीजों और परिजनों से उनका व्यवहार भी अक्सर विवादों में रहता है।
ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही भूपत बघेल सहित कई ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और नर्स तथा अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसी लापरवाहियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
प्रभारी चिकित्सक बोले— गलती हुई, महिला को कोई नुकसान नहीं होगा
मामले में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सांकरा के प्रभारी चिकित्सक डॉ. आशीष पंथी ने स्वीकार किया कि नर्स आराधना बंजारा से हड़बड़ी और अधिक कार्यभार (वर्कलोड) के कारण यह मानवीय त्रुटि हुई है। उन्होंने कहा, “इस गलती के लिए हम क्षमा चाहते हैं। महिला की काउंसलिंग कर दी गई है। उसे लगाए गए अंतरा इंजेक्शन से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा और वह पूरी तरह स्वस्थ है।”
हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि वर्कलोड का हवाला देकर मामले को हल्का दिखाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में मरीजों के साथ ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।

