बालोद। छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस को जल्द ही नया नेतृत्व मिलने जा रहा है। इस पद के लिए 5 जनवरी को दिल्ली में इंटरव्यू होने हैं, जिसमें बालोद विधायक संगीता सिन्हा का नाम सबसे सशक्त दावेदार के रूप में उभरा है. संगीता सिन्हा (विधायक, बालोद) के अलावा छन्नी साहू (पूर्व विधायक), लक्ष्मी ध्रुव,ममता चंद्राकर (राष्ट्रीय महासचिव, महिला कांग्रेस),तुलिका कर्मा (राष्ट्रीय सचिव, महिला कांग्रेस) को भी दिल्ली बुलाया गया है। सदन से लेकर सड़क तक सत्ता पक्ष को पसीने छुड़ाने वाली संगीता सिन्हा को दिल्ली बुलाए जाने के बाद अब यह माना जा रहा है कि उनकी सक्रियता और आक्रामक कार्यशैली पर हाईकमान ने मुहर लगा दी है।
सदन में ‘सवालिया’ प्रहार: सत्ता पक्ष के लिए बनीं चुनौती
ज्ञात हो कि संगीता सिन्हा केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विधानसभा में महिला विधायकों के बीच मुखर आवाजों में से एक हैं। सत्ता पक्ष से सवाल पूछने और जनता के मुद्दों पर मंत्रियों को घेरने में वे हमेशा आगे रहती हैं। उन्होंने अब तक विधानसभा में सत्ता पक्ष के मंत्रियों से 173 तीखे सवाल पूछे हैं, जो उनकी विधायी कार्यों के प्रति सक्रियता को दर्शाता है। बालोद विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार विधायक बनकर उन्होंने अपनी मजबूत जन-लोकप्रियता साबित की है। इनके पहले उनके पति भैयाराम सिन्हा भी विधायक रह चुके हैं।
क्यों भारी है संगीता सिन्हा का पलड़ा ?
हालांकि प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए पहले पूर्व विधायक छन्नी साहू का नाम चर्चा में था, लेकिन संगीता सिन्हा के संसदीय अनुभव और सदन में उनके दबदबे को देखते हुए अब नई लॉबिंग तेज हो गई है. वर्तमान अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम के इस्तीफे के बाद से ही नए चेहरे की तलाश जारी थी और अब नए साल के पहले ही महीने में संगीता सिन्हा के रूप में महिला कांग्रेस को एक जुझारू चेहरा मिलने की प्रबल संभावना है.

