बालोद। बालोद जिला हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के सफल आयोजन के साथ प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभरा है। इतने बड़े स्तर पर आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में रोवर-रेंजर, स्काउट-गाइड, प्रशिक्षक और अधिकारी शामिल हुए। इतनी विशाल संख्या में प्रतिभागियों की मौजूदगी के बावजूद पूरे आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की कोई अनहोनी, कोई हताहत, कोई बड़ा विवाद या गंभीर समस्या सामने नहीं आना, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की उत्कृष्ट योजना, सतर्कता और समन्वय का प्रत्यक्ष प्रमाण है। राष्ट्रीय जंबूरी जैसे आयोजन में सुरक्षा, यातायात, आवास, भोजन, चिकित्सा, आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता। बालोद जिले में यह चुनौती पूरी तरह अवसर में बदली गई। जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के नेतृत्व में प्रशासन ने आयोजन से पहले ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार की थी। आयोजन स्थल से लेकर आवास स्थलों, मार्गों, पार्किंग, आपातकालीन सेवाओं और चिकित्सा सुविधाओं तक हर पहलू पर बारीकी से काम किया गया।

बालोद पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया। आयोजन स्थल पर 24 घंटे पुलिस बल की तैनाती, महिला पुलिसकर्मियों की पर्याप्त व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम की स्थापना और त्वरित रिस्पॉन्स टीमों की मौजूदगी ने पूरे कार्यक्रम को सुरक्षित बनाए रखा। भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और बाहरी राज्यों से आए बच्चों की सुरक्षित आवाजाही में पुलिस की भूमिका सराहनीय रही।
कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई
विशेष बात यह रही कि इतने दिनों तक चले इस आयोजन में कहीं भी किसी प्रकार का वाद-विवाद, झगड़ा या असामाजिक गतिविधि सामने नहीं आई। बच्चों और युवाओं के अनुशासन, स्वयंसेवकों की सक्रियता और प्रशासन की सतर्क निगरानी ने एक अनुकरणीय माहौल तैयार किया। चिकित्सा विभाग की टीमें हर समय अलर्ट मोड पर रहीं, एम्बुलेंस और प्राथमिक उपचार केंद्र लगातार सक्रिय रहे, जिससे किसी भी छोटी समस्या को तुरंत हल किया गया।
स्थानीय लोगों का भी भरपूर सहयोग मिला
जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों का भी बेहतर सहयोग लिया गया। इससे आयोजन को जनभागीदारी का स्वरूप मिला और स्थानीय लोगों में भी राष्ट्रीय जंबूरी को लेकर गर्व की भावना देखने को मिली। सफाई व्यवस्था, पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं की सुचारु व्यवस्था ने प्रतिभागियों को सकारात्मक अनुभव दिया।
राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का यह सफल आयोजन बालोद जिले की प्रशासनिक क्षमता, अनुशासन और टीमवर्क का जीवंत उदाहरण बन गया है। कलेक्टर, एसपी और पूरे प्रशासनिक व पुलिस अमले की मेहनत, समर्पण और दूरदर्शिता के बिना इतना बड़ा और सुरक्षित आयोजन संभव नहीं था। देशभर से आए रोवर-रेंजर्स और उनके मार्गदर्शकों ने भी खुले मंच से बालोद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की प्रशंसा की।
कुल मिलाकर, बालोद जिले में आयोजित यह राष्ट्रीय जंबूरी न सिर्फ स्काउट-गाइड आंदोलन के लिए यादगार रही, बल्कि यह भी साबित कर गई कि सुदृढ़ प्रशासनिक इच्छाशक्ति और समन्वित पुलिस व्यवस्था के बल पर किसी भी बड़े आयोजन को पूरी तरह सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सफल बनाया जा सकता है। यह आयोजन आने वाले समय में अन्य जिलों और राज्यों के लिए एक प्रेरणास्रोत के रूप में याद किया जाएगा।
राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के सफल आयोजन पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री की प्रशंसा, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के नेतृत्व को मिला सम्मान
बालोद जिले में आयोजित राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का सफल, शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित आयोजन पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय बन गया है। इतने बड़े राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में देशभर से हजारों की संख्या में रोवर-रेंजर, स्काउट-गाइड एवं प्रशिक्षकों की सहभागिता रही, इसके बावजूद किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना, हताहत, विवाद या बड़ी समस्या सामने नहीं आई। इस उल्लेखनीय उपलब्धि को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने बालोद जिला प्रशासन की खुलकर सराहना की है। राज्यपाल रमेन डेका ने मंचीय भाषण में भी कहा कि राष्ट्रीय जंबूरी जैसे विशाल आयोजन को पूरी सुरक्षा, अनुशासन और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ संपन्न कराना एक बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि है। उन्होंने विशेष रूप से बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी योजनाबद्ध कार्यशैली, समयबद्ध निर्णय और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के कारण यह आयोजन पूरी तरह सफल हो सका। राज्यपाल ने इसे प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
राष्ट्रीय आयोजन ने प्रदेश की सकारात्मक छवि प्रस्तुत की
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और आयोजन से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बालोद जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की सकारात्मक छवि प्रस्तुत की है। उन्होंने कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा की भूमिका को सराहते हुए कहा कि उनकी नेतृत्व क्षमता, पूर्व तैयारी और सतत निगरानी के चलते इतने बड़े आयोजन को बिना किसी अव्यवस्था के सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जंबूरी के दौरान प्रतिभागियों को बेहतर आवास, भोजन, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा और सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की संवेदनशीलता और कार्यकुशलता को दर्शाता है। राज्य सरकार की ओर से उन्होंने भविष्य में भी ऐसे राष्ट्रीय आयोजनों के लिए बालोद जिले की क्षमता पर भरोसा जताया।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री की इस सराहना से जिला प्रशासन के अधिकारियों, कर्मचारियों और पूरे अमले का मनोबल बढ़ा है। यह प्रशंसा न केवल कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के नेतृत्व की पहचान है, बल्कि बालोद जिले की टीम भावना, अनुशासन और समर्पण का भी सम्मान है, जिसने राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी को एक ऐतिहासिक और यादगार आयोजन बना दिया।

