बालोद | संजारी बालोद की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने जिला कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को पत्र लिखकर बालोद और झलमला में हाल ही में हुई अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कार्रवाई को सराहनीय तो बताया, लेकिन इसके क्रियान्वयन के तरीके और इसमें हुए भेदभाव को लेकर प्रशासन को घेरा है।

गरीबों की आजीविका पर संकट
विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि अतिक्रमण हटाने के दौरान कई गरीब परिवारों की छोटी दुकानें, गुमटियां और घर तोड़ दिए गए हैं, जो उनके गुजर-बसर का एकमात्र साधन थे। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि प्रशासन ने कार्रवाई से पूर्व इन प्रभावित लोगों से न तो कोई समन्वय स्थापित किया और न ही उन्हें अपना सामान व्यवस्थित करने का पर्याप्त समय दिया, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
बड़े परिसरों में भी हो समान कार्रवाई
संगीता सिन्हा ने प्रशासन पर निष्पक्षता का दबाव बनाते हुए मांग की है कि जिस तरह गरीबों पर कार्रवाई हुई है, वैसी ही सख्ती रसूखदार इलाकों में भी दिखाई जाए। उन्होंने नगरवासियों की मांग का हवाला देते हुए निम्नलिखित स्थानों से तत्काल अवैध कब्जा हटाने की मांग की है:
- ग्राम सिवनी का शासकीय आवास परिसर
- PWD एवं सिंचाई कॉलोनी परिसर
- उच्च अधिकारियो का आवास परिसर
- सदर रोड बालोद के दोनों ओर का अतिक्रमण
विधायक का कहना है कि इन प्रमुख स्थानों से अतिक्रमण हटने से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि आम जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश जाएगा कि कानून सबके लिए बराबर है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इन कॉलोनियों और परिसरों में किए गए अवैध निर्माण को शीघ्रातिशीघ्र हटाया जाए।

