Balod Times

जगन्नाथपुर-सांकरा में पुलिस का बड़ा एक्शन: अवैध शराब और गांजा कारोबार पर ताबड़तोड़ छापेमारी, 6 आरोपी गिरफ्तार

एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीण है अवैध कारोबार में संलिप्त

बालोद। बालोद थाना क्षेत्र अंतर्गत जगन्नाथपुर और सांकरा में लंबे समय से चल रहे अवैध शराब और गांजा कारोबार पर मंगलवार को बालोद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई में जगन्नाथपुर से 4 और सांकरा से 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।

नामजद शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन

गौरतलब है कि ग्राम विकास समिति और पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा 13 से ज्यादा लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत पुलिस को दी गई थी। गांव का माहौल बिगड़ने और युवाओं के भविष्य पर पड़ रहे असर को देखते हुए यह शिकायत की गई थी। अब पुलिस ने उसी आधार पर कार्रवाई शुरू करते हुए कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की है। हालांकि सुबह-सुबह हुई छापेमारी में किसी के पास शराब या गांजा बरामद नहीं हुआ। लेकिन लंबे समय से लगातार उन लोगों की शिकायत के चलते उन्हें प्रतिबंधात्मक धारा के तहत गिरफ्तार किया गया।

10 से ज्यादा घरों पर छापा, मची अफरा-तफरी

पुलिस ने सुबह-सुबह 10 से अधिक घरों पर दबिश दी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस के पहुंचते ही कई शराब कोचिए वाहन सहित फरार हो गए, जबकि कुछ को मौके से गिरफ्तार किया गया।

घर में चलता है “चकना सेंटर”, 80 की शराब 150 में

सूत्रों के अनुसार, एक आरोपी के घर की छत में चकना सेंटर जैसा माहौल बना हुआ था, जहां भारी मात्रा में खाली शराब की बोतलें मिलीं। जहां सरकारी शराब एक पौवा ₹80 में मिलती है, वहीं अवैध रूप से इसे कोचियों द्वारा करीब दुगुने ₹150 में प्रति पौवा बेचकर मुनाफा कमाया जा रहा है।

महिलाओं की भी संलिप्तता की शिकायत

सूत्रों के मुताबिक, इस अवैध कारोबार में दो महिलाओं के शामिल होने की भी शिकायत मिली थी। उनके घर पर भी छापेमारी की गई। बताया जा रहा है कि वे एक रिश्तेदार युवक के जरिए शराब मंगाकर बिक्री करवाती हैं।

गिरफ्तार आरोपी कौन-कौन?

जगन्नाथपुर से गिरफ्तार हुए आरोपियों में त्रिभुवन विश्वकर्मा, रेखुलाल साहू, रामा देशमुख और
सांकरा से गिरफ्तार आरोपियों में सुरेश ठाकुर, देवनाथ पारधी, जीवन पारधी आदि शामिल हैं। वही जगन्नाथपुर के गोविंद देशमुख को भी हिरासत में लिया गया था। पर उसके खिलाफ शराब बेचे जाने का सबूत नहीं मिला । बल्कि मामला यह निकला कि उनका बेटा भूपेंद्र उर्फ पिंटू देशमुख शराब बेचता है, जिस थाने बुलाया गया है, इस शर्त पर उसके पिता को पुलिस ने रिहा किया। अन्य सभी आरोपियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

एक दर्जन से ज्यादा लोगों के खिलाफ हुई है नामजद शिकायत

त्रिभुवन विश्वकर्मा. धनेश्वरी ठाकुर, उनकी बेटी गीता ठाकुर , मनोज साहू, गौकरण ठाकुर, रामा देशमुख ,पिंटू उर्फ भूपेंद्र पिता गोविंद देशमुख, गोविंद साहू पिता गंभीर साहू, मेघनाथ उर्फ मेंघु साहू,राहुल ठाकुर,जीवन लाल साहू, विनोद बैगा साहू,रेखू लाल साहू सहित अन्य ग्रामीणों के खिलाफ नामजद शिकायत नारी शक्ति के द्वारा विगत दिनों एएसपी मोनिका ठाकुर को आवेदन देते हुए किया गया था। इस सूची में शामिल आरोपियों में अधिकतर आरोपी पहले भी शराब बिक्री के मामले में पकड़े जा चुके हैं जेल तक हो चुका है। इसके बाद भी वे अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं और गांव का माहौल बिगड़ रहा है इनकी देखा सीखी अन्य लोग भी शराब बिक्री करने लग गए हैं।

 

कई आरोपी अभी भी फरार, तलाश जारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, नामजद शिकायत में शामिल कई आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश जारी है। आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

 

शराब छुपाने के बन चुके हैं कई ठिकाने

ग्रामीणों ने बताया को पुलिस के लिए आरोपियों को पकड़ना भी चुनौती बना रहता है। उनके कई ऐसे ठिकाने हैं जिस पर पुलिस की नजर भी नहीं पहुंच पाती। कई बार पुलिस के एक घर पहुंचने के बाद अन्य कोचियों को तत्काल खबर हो जाती है कि गांव में पुलिस आ गई है फिर सब एक-एक करके शराब छुपा देते हैं। कोई कूलर के भीतर तो कोई वाशिंग मशीन तो कोई सोफा दीवान तो कोई पैरावट तो कोई और भी खुफिया ठिकाना बनाकर अपने अवैध शराब का जखीरा छुपा कर रखते हैं और पुलिस उन्हें शराब सहित पकड़ नहीं पाती। मजबूरन फिर गांव में बिगड़ते माहौल को देखते हुए पुलिस को प्रतिबंधात्मक धारा के तहत कार्रवाई करनी पड़ती है। हालांकि कुछ चुनिंदा कोचिये शराब सहित भी पकड़े जा चुके हैं,जिनकी सूची बालोद थाने में पहले से बनी हुई है।

 

गांव में सुधार की उम्मीद

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद हुई इस कार्रवाई से ग्रामीणों में राहत की उम्मीद जगी है। अब देखना होगा कि पुलिस बाकी आरोपियों को कब तक पकड़ पाती है और अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम कब लगती है। गांव में अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए आर्थिक दंड का नियम भी बनाया गया है अब प्रश्न यह भी उठ रहा है कि क्या जो आरोपी पुलिस पकड़ कर ले गई है क्या उनसे ग्रामीण स्तर पर दंड वसूला जाएगा या नहीं या फिर सिर्फ नियम कागजों में बनकर रह जाएगा?

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