Balod Times

दानशीलता की मिसाल बन रहे हैं नाड़ी वैद्य बिरेंद्र देशमुख, अब पत्रकार दीपक यादव को सर्वाइकल स्पाइन के इलाज के लिए दिए 21000 रुपए की मदद

शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र में करते हैं लोगों की दिल खोलकर मदद, उनका मानना है, जो भी कमाए हैं यही छोड़ कर जाना है तो यही परोपकार करिए

पब्लिसिटी नहीं बल्कि लोग एक दूसरे के प्रति मदद के लिए हो प्रेरित, यह भाव पैदा करना है उनका उद्देश्य

बालोद। बालोद जिले के ग्राम भेड़ी (सुरेगांव) के रहने वाले छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध नाड़ी वैद्य गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख अपने दानशीलता के लिए जाने जाते हैं। वे दीन हीन लोगों के मदद के लिए एक मिसाल कायम कर रहे हैं। उनका उद्देश्य किसी की मदद कर स्वयं का प्रचार प्रसार करना नहीं है, बल्कि वे लोगों को एक दूसरे की मदद के लिए प्रेरित करना चाहते हैं। लोगों में एक दूसरे की मदद का भाव पैदा करना चाहते हैं ताकि संसार में कोई भी प्राणी अगर किसी तरह के संकट में है तो कोई ना कोई उसकी मदद के लिए आगे आए और संकट के समय में सहारा बने। उनका कहना है कि इस संसार में आए हैं तो जो भी कमाएंगे सब यही छोड़कर जाएंगे, इसलिए जीवित रहते ही क्यों ना उस कमाए हुए धन से हम किसी का भला करते चले। इसी उद्देश्य के साथ उन्हें जब भी जहां भी किसी जरूरतमंद के बारे में पता चलता है वह स्वयं ही उनकी मदद के लिए पहुंच जाते हैं। इसी क्रम में बालोद ब्लाक के ग्राम जगन्नाथपुर के एक युवा पत्रकार दीपक यादव जो कि लगभग 2 साल से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, हाल ही में नागपुर में उनका सर्वाइकल स्पाइन का ऑपरेशन हुआ है, उनके बारे में पता चलते ही गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख स्वयं ही उनके घर आ पहुंचे और उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जानने के साथ उन्हें अपनी ओर से ₹21000 की नगद राशि इलाज में सहयोग के लिए दिए हैं। उन्होंने दीपक यादव के चल रहे इलाज से संबंधित रिपोर्ट दस्तावेज (फाइलों) का अवलोकन किया तो पाया कि जिस बीमारी से वे जूझ रहे हैं वह काफी गंभीर है। उन्होंने प्रार्थना की कि उनकी उम्र भी दीपक यादव को लग जाए। इस संकट की घड़ी में उन्होंने लोगों से ज्यादा से ज्यादा उनकी मदद के लिए अपील करते हुए कहा कि मानव सेवा ही प्रभु सेवा है।

संकट की परिस्थिति में सहारा बनने घर तक आए गुरुजी

दीपक यादव ने कहा कि संकट की परिस्थिति में एक सहारा बनकर गुरुदेव उनके घर पहुंचे। अब तक नागपुर में चल रहे उनके इलाज में दो लाख से ज्यादा खर्च हो चुका है। अभी इलाज जारी है। टांका खुलने के बाद कुछ दिनों के लिए वे घर आए थे, 30 जुलाई को पुनः अस्पताल चले जाएंगे। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल स्पाइन यानी रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्या में नस दबने से उनके बाएं हाथ और गर्दन में खून का प्रवाह थम जाता था। जिससे उन्हें कभी भी लकवा का शिकार होने का डर था। ऐसे में उनका ऑपरेशन करना बहुत ही आवश्यक हो गया। पर परेशानी बड़ी थी तो इलाज में खर्च भी ज्यादा आना था। जैसे तैसे लोगों ने थोड़ी-थोड़ी मदद कर उनके इलाज में सहयोग किया तो उन्होंने कुछ लोगों से कर्ज लेकर भी पैसों की व्यवस्था की थी। रीढ़ की हड्डियों के बीच सर्वाइकल केज यानी पिंजरा डालकर डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया है पर अभी पूरी तरह स्वस्थ होने में समय लगेगा।इलाज, दवाइयां और अन्य खर्चे में आर्थिक परेशानी आ रही है। जिसे देखते हुए गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख ने उन्हें घर आकर मदद की। दीपक यादव ने बताया कि इसके पहले भी जब पिछले साल अप्रैल में उनके गले में टॉन्सिल का ऑपरेशन हुआ था तो गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख ने उन्हें ₹11000 की आर्थिक मदद की थी। ऐसे दानी नाड़ी वैद्य की पहल पर उन्होंने हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही सभी सहयोगियों का भी आभार जताया।

देश के चौथे में स्तंभ को बचाना है जरूरी इसलिए पत्रकार की मदद करने पहुंचा हूं

जगन्नाथपुर में पत्रकार की मदद करने के लिए पहुंचे गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख ने कहा कि देश के चौथे स्तंभ को बचाए रखना बहुत जरूरी है। एक पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर सच्चाई सामने लाते हुए खबर प्रकाशित करते हैं। जनहित के मुद्दे उठाते हैं। अगर वही किसी मुसीबत में हो तो उनका सहारा कौन बनेगा? हमारे देश के चौथे स्तंभ को मजबूत रखना जरूरी है। इसलिए उन्होंने पत्रकार दीपक यादव की मदद करने की सोची।उन्होंने कहा मेरा मानना है कि मानव सेवा ही प्रभु सेवा है और ऐसे दीन दुखियों के दुख के समय में अगर हम काम नहीं आए तो हमारे संतत्व, हमारे सेवा को धिक्कार है। आप लोगों के आशीर्वाद से और ऊपर वाले की कृपा से समय-समय पर छोटा-मोटा सहयोग हम लोग मोक्ष धाम फाउंडेशन 64 योगिनी मंदिर समिति की ओर से करते रहते हैं। इस बीच मुझे मालूम हुआ कि जगन्नाथपुर में एक पत्रकार दीपक यादव है, पत्रकार को जहां देश में चौथा स्तंभ माना जाता है और जो निडरता से अपनी जान जोखिम में डालकर हर सच्चे खबर को दिखाते हैं, जो आज सर्वाइकल संबंधित एक गंभीर बीमारी से जूझ रहा है, घर परिवार उतने सक्षम नहीं हैं ऐसा पता चला। मैंने फाउंडेशन की ओर से उक्त पत्रकार को 21000 रुपए की आर्थिक सहायता दी है। उनकी जो बीमारी है वह काफी बड़ी है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मेरी भी उम्र उन्हें लग जाए। वे जल्द स्वस्थ हो, स्वास्थ्य लाभ ले। मैं देशवासियों, छत्तीसगढ़ वासियों से कहना चाहूंगा कि हम लोग जितने भी संसार में आए है सबको सब चीज यही छोड़कर मरना है। जब तक जिए प्रेम से जिए, सुख दुख में एक दूसरे का सहयोग करते हुए जीवन यापन करें। मेरे यही कामना है।

इन लोगों को भी कर चुके हैं मदद, दूसरों के लिए बन चुके हैं प्रेरणा स्रोत

वैद्य बिरेंद्र देशमुख ने दीपक यादव के अलावा और भी कई विशेष जरूरतमंद लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य आदि की सुविधाओं के लिए मदद कर चुके हैं। इस क्रम में उन्होंने दुर्ग जिले के नवागांव (पूरदा) में स्कूल में कमरा बनाने के लिए 8 लाख दिए हैं। निकुम में शोक ग्रस्त यादव परिवार की माता और बेटी को ₹25000 की मदद किए हैं। तो बालोद जिले के ही लोहारा ब्लॉक के भंडेरा गांव में मायाराम पटेल का घर आग में पूरी तरह जल जाने पर उन्हें ₹1 लाख की मदद किए हैं। ऐसे और भी कई छोटे बड़े मदद उनके द्वारा किए जा चुके हैं। माहुद स्कूल भवन में शेड निर्माण के लिए भी उन्होंने 1.60 लाख रुपए दिए हैं। धमतरी में भी एक परिवार को 51000 की मदद किए हैं। इस तरह जब जहां भी किसी जरूरमंद की खबर मिलती है तो वह स्वयं पहुंचकर उनकी मदद करते हैं।

परोपकार से मन को सुकून मिलता है, ईश्वर ने जो दिया है उसे विभिन्न रूपों में वापस करता हूं

संत गुरुदेव बिरेंद्र कुमार देशमुख का कहना है कि ईश्वर ने जो दिया है उसे वह विभिन्न रूपो में लोगों को ही वापस कर रहे हैं। उन्हें परोपकार करने से सुकून मिलता है। ज्ञात हो कि संत गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख लकवा, वात, कैंसर, अस्थमा सहित कई रोगों को दूर करने दवाई देते हैं। इसके एवज में लोगों से वे सामान्य शुल्क लेते हैं, जबकि गरीबों की वे निशुल्क इलाज करते हैं।

जो भी लिया यहीं लिया, जो भी दिया यहीं दिया

उन्होंने कहा कि हम इस दुनिया में आए हैं तो कुछ भी लेकर नहीं आए, जो भी लिए यही से लिए और जो भी देना है यहीं देना है। उन्होंने बताया कि उनके पास इलाज के लिए आने वाले लोगों से एक सप्ताह की दवाई जब वह देते हैं तो दवाई के खर्च के अलावा सिर्फ 10 रुपए लेते हैं। इस तरह एक महीने की दवाई में दवाई के खर्च के अलावा सिर्फ 40 रुपए ही लेते हैं और जो पैसे लेते हैं उसे वह हमेशा दान और परोपकारी कार्य में लगाते हैं। उन्होंने बताया कि इससे गरीब बच्चियों की शादी में सहयोग के रूप में हमेशा बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। देशमुख ने बताया कि शिक्षा और स्वास्थ्य दो ऐसे क्षेत्र है जिसमें वह हमेशा योगदान देने तत्पर रहते हैं।

लिमोरा में 64 योगिनी कामधेनु का बनवा रहे हैं विशेष मंदिर

नाड़ी वैद्य गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख के द्वारा गुण्डरदेही ब्लॉक के ग्राम लिमोरा में 64 योगिनी कामधेनु मंदिर का भव्य मंदिर बनवा रहे हैं। जहां पर राजस्थान में बनाई गई कामधेनु और माता काली की मूर्ति विगत दिनों लाई गई है। मोक्ष धाम फाउंडेशन के तहत मंदिर परिसर में अन्य निर्माण कार्य जारी है। मंदिर को बनवाने के लिए दानदाताओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। स्वयं भिक्षाटन करके प्रत्येक घरों में जाकर गुरुदेव बिरेंद्र देशमुख ने लोगों से दान मांगा है। यथाशक्ति लोगों ने दान कर इस मंदिर के निर्माण में योगदान दे रहे हैं।

नांदगांव में 17 एकड़ में बनेगा आश्रम

संत गुरुदेव बिरेंद्र कुमार देशमुख ने बताया कि राजनांदगांव में 17 एकड़ में विभिन्न आश्रम खोले जाएंगे। यहां पागलों के इलाज के लिए विशेष सुविधा रहेगी, जो निशुल्क रहेगी। इसके अलावा अमृत आश्रय, मुक बधिर, ध्यान साधना केंद्र, गुरुकुल व गौशाला भी प्रारंभ किए जाएंगे। यह सभी निशुल्क रहेगा।

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