बालोद टाइम्स
बालोद। जिले के स्वास्थ्य इतिहास में 24 सितंबर को एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत जिला चिकित्सालय बालोद में पहली बार एक ही दिन में घुटना (नी-रिप्लेसमेंट) और कूल्हा प्रत्यारोपण (हिप-रिप्लेसमेंट) जैसे दो अत्यंत जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरे किए गए।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जे.एल. उइके, सिविल सर्जन डॉ. आर.के. श्रीमाली की देखरेख और अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार सोरी के कुशल नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने इस असंभव से दिखने वाले कार्य को संभव कर दिखाया।

मरीजों की व्यथा और मिला नया जीवन
वर्षों के दर्द से मुक्त हुईं 54 वर्षीय जमुनाबाई: ग्राम परसतराई की निवासी जमुनाबाई लंबे समय से घुटनों के असहनीय दर्द से जूझ रही थीं, जिससे उनका चलना-फिरना दूभर हो गया था। जांच में हड्डियां घिसने की बात सामने आने पर डॉ. सोरी की टीम ने उनके दोनों घुटनों का सफल प्रत्यारोपण किया।
छत से गिरे रामप्रसाद को मिला सहारा: ग्राम जुंगेरा निवासी 43 वर्षीय रामप्रसाद एक माह पूर्व छत से गिर गए थे, जिससे उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई थी। देशी इलाज से राहत न मिलने पर उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण कर उन्हें नया जीवन दिया।

महंगे निजी इलाज से मिली मुक्ति
निजी अस्पतालों में लाखों रुपये में होने वाले इन जटिल और महंगे ऑपरेशनों की सुविधा अब शासकीय अस्पताल में ही निःशुल्क/रियायती दरों पर मिलने से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। मरीजों के परिजनों ने इस मानवीय सेवा के लिए जिला प्रशासन और पूरी मेडिकल टीम का हृदय से आभार जताया है।

सफल टीमवर्क की मिसाल
इस दोहरे ऐतिहासिक ऑपरेशन को सफल बनाने में डॉ. पंकज सोरी के साथ डॉ. अविनाश मण्डावी, डॉ. एन.के. साहू, डॉ. कल्याण, नर्सिंग स्टाफ श्रीमती एस. देवदास, पिंकी साहू, एस. नेताम, संगीता सोनी, चैतराम, भगवती अमरिया एवं समस्त पैरामेडिकल स्टाफ का विशेष योगदान रहा।


