बालोद को वंदना साहू ग्राम (कुरदी) की बेटी ने बढ़ाया मान अष्ट लक्ष्मी योजना असम गुवाहाटी में कर रहे छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व
अष्टलक्ष्मी’ पूर्वोत्तर भारत की युवाओं को जो भारत सरकार की विकास नीति का हिस्सा है इसके तहत युवाओं को राष्ट्र निर्माण सामाजिक कार्यों में संपूर्ण भागीदारी में आगे रखना है इस पहल का उद्देश्य इन राज्यों में बुनियादी ढांचे, पर्यटन, पारंपरिक शिल्प (GI टैग उत्पादों) और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देकर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करना है। शासकीय घनश्याम सिंह गुप्त स्नान उत्तर महाविद्यालय बालोद की बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा कु वंदना साहू के उत्कृष्ट कार्य और उनके द्वारा सामाजिक रूप से नेतृत्व परिचय को देखते हुए बालोद महाविद्यालय से उनको असम गुवाहाटी भेजा गया जिसमें गांव में खुशी की लहर है ग्राम कुरदी सरपंच पूनम संजय साहू और ग्रामीण जनों केशू राम महेश साहू तोमन निषाद नरेंद्र देवगन कमल साहू एवं ग्राम में खुशी कि लहर है
अष्टलक्ष्मी पहल भारत सरकार के उच्च शिक्षा विभाग का एक महत्वपूर्ण दायित्व है
अष्टलक्ष्मी महोत्सव: भारत सरकार द्वारा पूर्वोत्तर की संस्कृति और शिल्पकला को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित एक विशेष उत्सव।
अष्टलक्ष्मी दर्शन युवा विनिमय कार्यक्रम से छत्तीसगढ़ राज्य से युवाओं की एक टीम असम गुवाहाटी में आयोजित इस कार्यक्रम में 13 तक छात्र छात्रों के बीच व्यक्तित्व विकास नैतिक शिक्षा और नवाचार पर आधारित कार्य का अध्ययन करेंगे जानेंगे
पूर्वोत्तर के युवाओं को अन्य राज्यों से जोड़ने और क्षेत्रीय समझ बढ़ाने के लिए डोनर मंत्रालय (MDoNER) द्वारा आयोजित पहल।
विकास का आधार: प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर को ‘अष्टलक्ष्मी’ कहा है, जो क्षेत्र की आठ गुना समृद्धि और विकास के नए प्रतिमानों (कनेक्टिविटी, पर्यटन, ऊर्जा) का प्रतीक है।
इसका कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ‘वोकल फॉर लोकल’ मंत्र को बढ़ावा देना, पूर्वोत्तर के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना और क्षेत्र में कनेक्टिविटी व बुनियादी ढांचे का विकास करना है।

