बालोद,
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित ‘चिरायु टीम’ एक बार फिर जिले में बच्चों के लिए वरदान साबित हुई है। विकासखण्ड गुण्डरदेही के ग्राम बेलौदी निवासी 02 वर्षीय भावेश साहू को जन्मजात हृदय रोग से मुक्ति दिलाकर नया जीवन प्रदान किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि 12 जून 2025 को चिरायु टीम द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 04, बेलौदी में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान निरंजन साहू के पुत्र भावेश की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में बच्चे की हृदय गति असामान्य पाई गई तथा उम्र के अनुसार उसका शारीरिक विकास भी कम पाया गया।
काउंसलिंग के बाद बच्चे को जिला अस्पताल बालोद भेजा गया, जहां शिशु रोग विशेषज्ञ ने जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि की। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में उच्च स्तरीय उपचार हेतु बच्चे को श्री सत्य साईं हॉस्पिटल, रायपुर रेफर किया गया।
इको जांच में पता चला कि बच्चे के हृदय के निचले दो कक्षों के बीच छेद (VSD) था तथा धमनियों के बीच एक अतिरिक्त रक्तवाहिका (PDA) खुली हुई थी, जिससे हृदय और फेफड़ों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा था।
10 फरवरी 2026 को ऑपरेशन हेतु बुलाया गया और 19 फरवरी 2026 को भावेश का सफल ऑपरेशन किया गया। 26 फरवरी 2026 को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सर्जरी के बाद भावेश अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसका हृदय सामान्य रूप से कार्य कर रहा है।
भावेश के माता-पिता ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग का आभार व्यक्त किया है। इस पूरे अभियान में चिरायु टीम की डॉ. रीतिप्रभा बेलचंदन, आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्र चंद्राकर, ऋषि चतुर्वेदी, नितिन एंड्रयूज एवं याद साहू का सराहनीय योगदान रहा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि चिरायु टीम का लक्ष्य जिले के प्रत्येक बच्चे तक पहुंचकर जन्मजात विकारों से मुक्ति दिलाना है, ताकि हर बच्चे को स्वस्थ भविष्य मिल सके।

