बालोद टाइम्स
बालोद। जिला पुलिस प्रशासन ने ग्राम कोरगुड़ा में बिना शासकीय अनुमति के मेडिकल कैम्प लगाने की फिराक में पहुंचे चार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने मौके से एक चारपहिया वाहन, बड़ी मात्रा में RETROS कंपनी की दवाईयां, सप्लीमेंट्री हेल्थ प्रोडक्ट्स और जांच मशीनें जब्त की हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग ₹7,18,597 दर्ज की गई है। थाना बालोद में आरोपियों के खिलाफ धारा 106 BNSS के तहत कार्रवाई की जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस का छापा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 को थाना बालोद को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम पंचायत भवन कोरगुड़ा में चार व्यक्ति वाहन क्रमांक CG 07 AQ 7352 में सवार होकर पहुंचे हैं। ये लोग ग्रामीणों का इलाज करने का झांसा देकर बिना किसी अनुमति के मेडिकल कैम्प लगाने और दवाईयां व हेल्थ सप्लीमेंट बेचने की तैयारी कर रहे थे।
सूचना मिलते ही थाना बालोद की टीम मौके पर पहुंची। पूछताछ के दौरान आरोपी कैम्प लगाने, इलाज करने या दवाई वितरण से संबंधित कोई भी वैध शासकीय दस्तावेज या अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस ने चारों व्यक्तियों को हिरासत में लेकर थाना लाया।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- राजेश कुमार कोठारी (40 वर्ष), निवासी – ग्राम हरंडडा, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई
- टी. वेंकटेश राव (47 वर्ष), निवासी – हुडको भिलाई, थाना सेक्टर-06, भिलाई
- सुरेन्द्र पटेल (29 वर्ष), निवासी – ग्राम सिंगारपुर, जिला कबीरधाम
- मोहित कुमार रक्सेल (38 वर्ष), निवासी – करगाडीह, उतई, जिला दुर्ग
क्वांटम मैग्नेटिक मशीन और लाखों की दवाएं जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में RETROS कंपनी के सप्लीमेंट और आयुर्वेदिक/हेल्थ प्रोडक्ट्स जब्त किए हैं। इनमें Memory Granue, Uric Acid Control, Kidney Care, Piles Care, Thyroid Care, Diabo Care, Heart CRE Powder, Detox Power Juice जैसी दर्जनों तरह की दवाईयां शामिल हैं।
दवाईयों के अलावा पुलिस ने मौके से:
- वाहन क्रमांक CG 07 AQ 7352
- क्वांटम रेजोनेंस मैग्नेटिक एनालाइजर मशीन (Quantum Resonance Magnetic Analyzer Machine)
- डिजिटल वेट मशीन
- पुराना कैनन (Canon) प्रिंटर, लैपटॉप, एक्सटेंशन बोर्ड और वायर जब्त किया है।
बालोद पुलिस की नागरिकों से अपील
मामले में बालोद पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी गांव या मोहल्ले में यदि कोई व्यक्ति या संस्था इलाज, मेडिकल कैम्प या दवाई वितरण के नाम पर कोई गतिविधि चलाती है, तो सबसे पहले उसकी वैधता और स्वास्थ्य विभाग की अनुमति की जांच अवश्य करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।



