Balod Times

बिना लाइसेंस बिक रहीं नाप-तौल मशीनें? विभागीय निगरानी पर उठे सवाल, उपभोक्ताओं के हितों पर मंडरा रहा खतरा

गुंडरदेही–धमतरी चौक क्षेत्र में हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक दुकानों से बिक्री की चर्चा, जांच नहीं होने का आरोप

 

बालोद/गुंडरदेही। क्षेत्र में बिना आवश्यक अनुमति और सत्यापन के नाप-तौल की मशीनों की बिक्री को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि गुंडरदेही, धमतरी चौक और आसपास के क्षेत्रों में कुछ हार्डवेयर एवं इलेक्ट्रॉनिक दुकानों के माध्यम से नाप-तौल संबंधी मशीनें बेची जा रही हैं। इसको लेकर यह सवाल उठ रहा है कि क्या इन मशीनों की बिक्री एवं उपयोग वैधानिक नियमों के अनुरूप हो रहा है और क्या संबंधित विभाग द्वारा नियमित जांच की जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बिना वैधानिक प्रक्रिया और सत्यापन के मशीनों की बिक्री होती है तो इससे व्यापार, उपभोक्ता अधिकार और नाप-तौल की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है।

क्या कहता है कानून और नियम?

भारत में नाप-तौल से संबंधित व्यवस्था विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 (Legal Metrology Act, 2009) तथा संबंधित नियमों के अंतर्गत नियंत्रित की जाती है।

इन प्रावधानों के अनुसार व्यवसायिक उपयोग में आने वाले कई प्रकार के वजनी उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन एवं मापन उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप होने चाहिए। ऐसे उपकरणों का सत्यापन (Verification), स्टैम्पिंग और नियमानुसार उपयोग आवश्यक माना गया है।

नियमों के अनुसार कई परिस्थितियों में संबंधित व्यापारियों, विक्रेताओं अथवा उपयोगकर्ताओं को निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना होता है ताकि उपभोक्ताओं को सही माप और सही मूल्य मिल सके।

बिना सत्यापन उपयोग होने पर क्या हो सकते हैं असर

विशेषज्ञों के अनुसार यदि माप उपकरण नियमानुसार प्रमाणित न हों तो इससे खरीदार और विक्रेता दोनों प्रभावित हो सकते हैं। गलत नाप-तौल से आर्थिक नुकसान, उपभोक्ता विवाद और व्यापारिक पारदर्शिता पर असर पड़ सकता है।

जांच नहीं होने से उठ रहे सवाल

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि यदि नियमित निरीक्षण और सत्यापन अभियान नहीं चलाए जाते तो नियमों का पालन सुनिश्चित करना कठिन हो जाता है। इसी कारण क्षेत्र में विभागीय निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

हालांकि इस संबंध में संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना अभी शेष है।

प्रशासन और विभाग से उठी मांग

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि क्षेत्र में संचालित दुकानों की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि नाप-तौल मशीनों की बिक्री, सत्यापन और उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप हो रहा है या नहीं। साथ ही नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए ताकि उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित रह सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!