Skip to main content

Balod Times

भंडेरा स्कूल के बच्चों और स्काउट गाइड की टीम ने हाथों से तैयार किया 100 राखियां, भेजेंगे सैनिक भाइयों के लिए ताकि सुनी न रहे उनकी कलाई

बालोद। डौंडीलोहारा ब्लॉक के ग्राम भंडेरा में संचालित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्काउट गाइड की टीम और स्कूली बच्चों द्वारा मिलकर अपने हाथों से ही 100 राखियां तैयार की गई है। इस राखी को सैनिकों के लिए भेजा जाएगा। “एक राखी सैनिक भाई के नाम” भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ बालोद, स्थानीय संघ डौंडीलोहारा,यूनिट कल्पना चावला, रेंजर टीम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भंडेरा द्वारा भारत स्काउट एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष बृजमोहन अग्रवाल एवं राज्य मुख्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव,राज्य सचिव कैलाश सोनी के निर्देशन एवं मुख्य आयुक्त राकेश यादव,जिला आयुक्त पी सी मरकले ,सहायक आयुक्त हिमांशु मिश्रा,जिला सचिव,जिला संगठन आयुक्त,गाइड एवं स्काउट के मार्गदर्शन में यह पहल की। इस विशेष और अनोखे काम में कल्पना चावला रेंजर, टीम यूनिट लीडर,ग्रुप लीडर जीआर ठाकुर,प्रीति नाइक,शालिनी साहू,सीनियर रेंजर मेट योगेश्वरी बंजारे,जोगेंद्र राते , हेमप्रिया,सुहानी,बरखा,ममता,पल्लवी,उपुल,टिकेश,कर्तव्य,मनीष,कुणाल सहित सभी कक्षा के बच्चों के सहयोग द्वारा यह राखी बनाई गई है। कैशरीन बेग ने बताया कि उत्साह के साथ सभी ने मिलकर स्कूल में ही राखियां तैयार की। ज्ञात हो कि भारत स्काउटस गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य सचिव द्वारा सभी संयुक्त संचालक संभागीय कार्यालय शिक्षा विभाग रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा, बस्तर और समस्त जिला शिक्षा अधिकारी पदेन जिला कमिश्नर स्काउट गाइड को रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में “एक राखी सैनिक भाई के नाम” से अभियान चलाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसी निर्देश के तहत ही प्रत्येक भारतीय के लिए राष्ट्रीय गौरव हमारे सैनिकों के सम्मान के लिए भारत स्काउट एवं गाइड छत्तीसगढ़ द्वारा रक्षाबंधन पर हमारे भारत के बॉर्डर में तैनात सैनिक भाइयों की सम्मान में यह अभियान चलाते हुए डौंडीलोहारा के भंडेरा स्कूल के गाइड, रेंजर बहनों ने भी अपनी हस्त निर्मित राखियां रक्षाबंधन पर्व के लिए तैयार की। यह बनाई हुई राखियां सभी स्कूलों से 30 जुलाई तक राज्य मुख्यालय रायपुर में भेजा जाना है फिर आगे उसे सेना मुख्यालय नई दिल्ली तक भेजा जाएगा। इस अभियान के तहत प्रत्येक विकासखंड से 200 राखियां भेजना अनिवार्य किया गया है। उत्साह और इस अभियान में ज्यादा से ज्यादा सहभागिता दिखाते हुए अकेले भंडेरा के ही बच्चों और शिक्षकों ने मिलकर 100 राखियां तैयार कर ली है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!