गरीब और जरूरतमंद परिवारों के अधिकारों से जुड़ा मामला बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग
बालोद। नगर पालिका क्षेत्र में राशन कार्ड निर्माण प्रक्रिया को संपत्ति कर (टैक्स) भुगतान से जोड़े जाने के विरोध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। इस संदर्भ में जनप्रतिनिधियों ने एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राशन कार्ड खाद्य सुरक्षा योजनाओं से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है, और इसे किसी अन्य कर (टैक्स) प्रक्रिया से जोड़ना पूरी तरह से जनहित के विरुद्ध है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ेगा सीधा असर
ज्ञापन सौंपने वाले जनप्रतिनिधियों का कहना है कि राशन कार्ड गरीब, मजदूर, निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक अनिवार्य जीवन रेखा है। इसी के माध्यम से शासन की कल्याणकारी खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचता है। ऐसे में यदि राशन कार्ड बनाने के लिए ‘पहले संपत्ति कर जमा करने’ की शर्त रखी जाएगी, तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इस बुनियादी सुविधा से वंचित हो जाएंगे।
“वर्तमान समय में कई परिवार भारी आर्थिक कठिनाइयों से गुजर रहे हैं। ऐसे में जनता को राहत देने के बजाय आवश्यक दस्तावेजों को टैक्स भुगतान से जोड़ना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं माना जा सकता।”
टैक्स वसूली के लिए अपनाए जाएं अन्य वैधानिक रास्ते
जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा कि यदि किसी नागरिक पर नगर पालिका का टैक्स बकाया है, तो उसकी वसूली के लिए कानूनन अलग वैधानिक प्रक्रियाएं और रास्ते उपलब्ध हैं। उन प्रक्रियाओं का पालन करने के बजाय राशन कार्ड जैसी मूलभूत सुविधा को उससे जोड़कर जनता को परेशान करना न्यायसंगत नहीं है।
प्रशासन से प्रमुख मांगें:
- निष्पक्ष जांच: पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और नगर पालिका को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
- बाध्यता समाप्त हो: राशन कार्ड निर्माण प्रक्रिया को किसी भी प्रकार की टैक्स बाध्यता से पूरी तरह अलग रखा जाए।
- त्वरित कार्रवाई: राशन कार्ड के जितने भी आवेदन लंबित हैं, उन पर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई कर कार्ड जारी किए जाएं।
ये जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर के प्रमुख जनप्रतिनिधि एक सुर में नजर आए, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
- कश्मीरुद्दीन कुरैशी (नेता प्रतिपक्ष)
- सुनील मालेकर (उपनेता प्रतिपक्ष)
- विनोद बंटी शर्मा (पार्षद)
- सतीश यादव (पार्षद)
- निर्देश पटेल (पार्षद)
- सुमीत शर्मा (पार्षद)
- रीता सोनी (पार्षद)
- किरण साहू (पार्षद)
सभी जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में जरूरतमंद परिवारों के हितों की रक्षा करने और प्रशासनिक स्तर पर त्वरित निर्णय लेने की मांग की है। ज्ञापन के अंत में यह चेतावनी भी दी गई कि गरीब, मजदूर और आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी इसी तरह लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाती रहेगी।
मुख्य संदेश (स्लोगन):
“गरीब की थाली पर शर्त नहीं, अधिकार होना चाहिए — राशन कार्ड पर टैक्स की बाध्यता समाप्त हो।”

