Balod Times

ओपीडी काउंटर बंद, डॉक्टर नदारद: कलेक्टर ने दिया कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश

Balod: कलेक्टर दिव्या ने जिला अस्पताल में दी दबिश, साफ सफाई की समुचित व्यवस्था नही होने और फिजियोथेरेपी कक्ष में कबाड़ पाए जाने पर जताई नाराजगी, बंद मिला ओपीडी पंजीयन काउंटर, अनुपस्तिथ मिले डॉक्टर, कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश।

कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने शुक्रवार को जिला अस्पताल में दबिश दी, जिला अस्पताल और मातृ शिशु अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने जिला अस्पताल बालोद का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने 100 बिस्तर अस्पताल और मातृ-शिशु विंग में मरीजों से सीधे संवाद कर मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।कलेक्टर ने अधिकारियों को अस्पताल परिसर में बेहतर प्रबंधन और स्वच्छता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।

इस अवसर पर डीएफओ अभिषेक अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत सुनील चंद्रवंशी, तहसीलदार आशुतोष शर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे। वही 9 बजे तक ओपीडी पंजीयन काउंटर के नही खुलने और डाक्टरों की अनुपस्तिथि पर कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी लापरवाह डॉक्टर एवं अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वही समुचित साफ सफाई नही होने, अस्पताल की टाइल्स में गंदगी पसरे होने, वाटर कूलर के लीकेज होने और पानी के नीचे फ्लोर पर बहने पर और फिजियोथेरेपी रूम में कबाड़ भर कर रखे जाने पर सिविल सर्जन को फटकार लगाई, एवं व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरान मरीजों से हालचाल जाना। कलेक्टर न दिव्या मिश्रा ने स्तनपान कक्ष, प्रसव कक्ष और ओटीटी कक्ष का भी निरीक्षण किया। फिजियोथेरेपी कक्ष में रखे कबाड़ को ऑक्शन करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने साफ सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर दिया।

सिविल सर्जन नही दे पाए संतुष्टि पूर्ण जवाब-

दरअसल स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की कवायद के चलते कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिला अस्पताल बालोद का औचक निरीक्षण किया। आज सुबह करीबन सवा 8 बजे जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी और तहसीलदार आशुतोष शर्मा जिला अस्पताल पहुचे, वही कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा 9 बजे पहुची। चूंकि ओपीडी खुलने का समय सुबह 9 से दोपहर एक बजे तक है, तो 9 बजे तक ओपीडी पंजीयन काउंटर के नही खुलने पर उन्होने कड़ी नाराजगी जताई। वही एक डॉक्टर उपस्तिथ थे, और कोई भी डॉक्टर उपस्तिथ नही थे। ओटी में भी ऑपरेशन नही होने, डॉक्टर के रहने पर भी ऑपरेशन के नाम और बहाना मारने, और मरीजो को रेफर करने किये जाने भी सिविल सर्जन जवाब मांगा एवं अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। जिसका संतुष्टि पूर्ण जवाब सिविल सर्जन नही दे पाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!