बालोद टाइम्स
बालोद: दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व नहीं है, बल्कि इससे जुड़ी यादों और मंच पर जान फूंकने वाले कलाकारों को याद करने का अवसर भी है। छत्तीसगढ़ के बालोद शहर में जब भी दशहरे की चर्चा होती है, तो एक ऐसा नाम बरबस हर जुबां पर आ जाता है, जिसने वर्षों तक रावण के किरदार को अपने बेजोड़ अभिनय से अमर कर दिया। यह नाम है—स्वर्गीय अरविंद सोनी का।
सराफा व्यापारी और अधिवक्ता, लेकिन मंच पर थे बेजोड़ कलाकार
बालोद के मरारपारा में जन्मे अरविंद सोनी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। पेशे से वे एक प्रतिष्ठित सराफा व्यापारी और अधिवक्ता (Advocate) थे, लेकिन उनकी असली पहचान शहर के राजदशहरा उत्सव में निभाए जाने वाले रावण के किरदार से जुड़ी थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2000 से 2018 तक लगातार रावण का शानदार किरदार निभाया। मंच पर उनका प्रवेश, उनकी दमदार संवाद अदायगी (Dialogue Delivery) और रावण के रूप में उनका रोबदार व्यक्तित्व दर्शकों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र रहता था। उनके अभिनय का जादू ऐसा था कि राजदशहरा उत्सव में उन्हें देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ती थी।

निधन के वर्षों बाद भी दिलों में जिंदा है उनकी याद
30 मई 1973 को जन्मे अरविंद सोनी का 21 जनवरी 2019 को असामयिक निधन हो गया था। उनके जाने के बाद से राजदशहरा उत्सव में उनके अभिनय की कमी आज भी शिद्दत से महसूस की जाती है। हालांकि वे अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन दशहरा आते ही बालोद शहर एक बार फिर उनकी यादों में डूब जाता है।
बालोदवासियों के लिए अरविंद सोनी केवल एक पात्र निभाने वाले कलाकार नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दशहरा परंपरा की एक अमिट पहचान बन चुके हैं।

