बालोद — अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आदेश पर जिला कांग्रेस कमेटी बालोद द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत आज एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस धरना प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा मनरेगा के नाम और उसके मूल स्वरूप में किए जा रहे बदलावों के विरोध में आवाज़ बुलंद करना रहा।
देशभर में चल रहे मनरेगा बचाओ संग्राम के अंतर्गत कल आयोजित प्रेस वार्ता के बाद यह विरोध का दूसरा कार्यक्रम था। धरना स्थल पर उपस्थित कांग्रेसजनों और श्रमिक संगठनों ने मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग उठाई।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि यह अभियान पंचायत स्तर से प्रारंभ होकर 25 फरवरी तक राष्ट्रीय स्वरूप लेगा। कांग्रेस, श्रमिकों के साथ मिलकर उनके रोजगार के अधिकार की रक्षा हेतु सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
धरना को संबोधित करते हुए संजारी बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने कहा कि प्रस्तावित बदलावों से मजदूरी मनमाने ढंग से तय की जाएगी। इससे न तो न्यूनतम मजदूरी की गारंटी रहेगी और न ही मजदूरी बढ़ोतरी की कोई सुनिश्चित व्यवस्था। फसल कटाई के मौसम में मनरेगा कार्य बंद कर ग्रामीण मजदूरों की सौदेबाजी की शक्ति कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गांव-गांव जाकर मनरेगा हितग्राहियों को जागरूक करेगी।
डौंडीलोहारा विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया ने कहा कि CAG ऑडिट सहित 200 से अधिक अध्ययनों ने यह सिद्ध किया है कि मनरेगा देश की सबसे प्रभावशाली और सफल योजनाओं में से एक है। मनरेगा में बदलाव से बेरोजगारी बढ़ेगी, न्यूनतम मजदूरी के बिना श्रम का शोषण होगा और ग्रामीणों का मजबूरी में शहरों की ओर पलायन बढ़ेगा।

मनरेगा बचाओ संग्राम की बालोद जिला समन्वयक श्रीमती सीमा वर्मा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान, बिना पर्याप्त योजना के लगाए गए लॉकडाउन से लाखों प्रवासी मजदूर बेरोजगार हुए थे। ऐसे कठिन समय में मनरेगा ने देशभर में 4.6 करोड़ परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि जिले में काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी, जवाबदेही की गारंटी तथा मनरेगा में किए गए बदलावों की तत्काल वापसी को लेकर कांग्रेस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम को सोनादेवी देशलहरे एवं टी. साहू ने भी संबोधित किया। धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप से कृष्णा दुबे, संजय चंद्राकर, रामजीभाई पटेल, यज्ञदेव पटेल, संजय साहू, मिथलेश नुरुटी, भोलाराम देशमुख, कमलेश श्रीवास्तव, प्रेमचंद क्षीरसागर, नारायण साहू, भोजराज साहू, संतुराम पटेल, गोपाल प्रजापति, अनिल यादव, अंचल प्रकाश साहू, नुरुल्ला खान, मीना उमाशंकर साहू, वैभव पूजा साहू, प्रशांत बोकडे, सुचित्रा साहू, केदार देवांगन, दिनेश साहू, अमृता नेताम, कल्याणी चंद्राकर, पद्मनी साहू, कासिमुद्दीन कुरैशी, सतीश यादव, विनोद शर्मा, सुमीत शर्मा, रीता सोनी, किरण साहू, चमेली साहू, योगेश्वरी साहू, हरीश चंद्राकर, धीरज उपाध्याय, शंभू साहू, दिनाराम चेलक, भूपेंद्र चंद्राकर, नरेंद्र सिन्हा, गंगाराम साहू, गजेंद्र ठाकुर, धर्मेन्द्र रामटेके, रोहित सागर, देवेंद्र साहू, आदित्य दुबे, अजीत साहू, हरचरण कात्याल, कमल टुवानी, तुलाराम ठाकुर, राजेंद्र सोनकुटिया, जमील बक्श, गुलाम मोईनुद्दीन, दाऊद खान, डामेश्वर देशमुख, सादिक अली, किशोर साहू, विमलेश साहू, राकेश उईके, जितेंद्र पटेल, ऐनु साहू, मुरलीधर भुआर्य सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

