- लोहे के कैरियर और प्लास्टिक टबों में छिपाकर ले जा रहे थे खेप
- मुखबिर की सूचना पर भेड़ी तिराहा के पास घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
- 4 मोटरसाइकिल और 4 मोबाइल समेत कुल 40.52 लाख का मशरूका जप्त
बालोद/डौण्डीलोहारा।
बालोद पुलिस को नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर एवं उप पुलिस अधीक्षक श्री बोनी फॉस एक्का के मार्गदर्शन में डौण्डीलोहारा पुलिस और सायबर सेल की संयुक्त टीम ने ग्राम भेड़ी तिराहा के पास नाकाबंदी कर गांजे की एक बड़ी खेप पकड़ी है। पुलिस ने उड़ीसा से छत्तीसगढ़ के रास्ते मध्य प्रदेश गांजा ले जा रहे 5 अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक विधि से संघर्षरत् बालक (नाबालिग) भी शामिल है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 72.621 किलोग्राम गांजा (कीमत लगभग 36,31,050 रुपये) जप्त किया है। इसके साथ ही तस्करी में प्रयुक्त 4 मोटरसाइकिल और 4 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। जप्त किए गए कुल मशरूका की कीमत 40,52,050 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 97/2026, धारा 20 (ख) एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
फिल्म ‘pushpa’ की तर्ज पर बनाई थी खुफिया जगह
मामले का संक्षिप्त विवरण देते हुए थाना प्रभारी डौण्डीलोहारा निरीक्षक सुनील तिर्की ने बताया कि दिनांक 09 जून 2026 को मुखबिर के जरिए मोबाइल पर सूचना मिली थी कि उड़ीसा से 4 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर 6 लोग भारी मात्रा में गांजा लेकर मध्य प्रदेश की ओर निकले हैं। इस गिरोह ने पुलिस को चकमा देने के लिए बकायदा रणनीति बनाई थी।
पहली और आखिरी मोटरसाइकिल पर सवार लोग आगे-पीछे का रास्ता साफ होने की रेकी कर रहे थे। वहीं, बीच की दो मोटरसाइकिलों में पीछे की तरफ लोहे की रॉड और पट्टी से विशेष कैरियर बनाया गया था। इसके ऊपर काले रंग के बड़े-बड़े प्लास्टिक के टबों को आपस में बांधा गया था। तस्करों ने बीच के टबों के निचले हिस्से (पेंदे) को काटकर खोखला कर दिया था और उसी खुफिया जगह के भीतर भूरे रंग के पैकेटों में गांजा छिपाकर रखा था।
घेराबंदी के दौरान कूदकर भागा एक आरोपी
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल ग्राम भेड़ी तिराहा (बालोद-डौण्डीलोहारा मार्ग) के पास एंबुश (नाकाबंदी) लगाया। कुछ समय बाद मुखबिर के बताए अनुसार मध्य प्रदेश पासिंग की पहली मोटरसाइकिल (MP 38 ZA 6414) आती दिखी। पुलिस को देखकर उस पर पीछे बैठा एक आरोपी चलती गाड़ी से कूदकर जंगल की तरफ भागने में सफल रहा, जबकि चालक को पुलिस ने घेर लिया। इसके बाद एक-एक कर अन्य तीनों मोटरसाइकिलें भी पुलिस के जाल में फंस गईं।
शुरुआत में आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब कड़ाई से पूछताछ की गई तो उन्होंने म.प्र. के रायसेन और सागर क्षेत्र का होना स्वीकार किया।
टब खोलते ही खुली पोल, 50 पैकेट गांजा बरामद
जब संदिग्ध मोटरसाइकिल चालकों पवन कुमार गोंड और श्याम गोंड के वाहनों पर बंधे प्लास्टिक के टबों को खोलकर चेक किया गया, तो पुलिस भी हैरान रह गई। ऊपर के दो टब सही थे, लेकिन नीचे के कुल 28 टबों को काटकर बनाए गए खुफिया बॉक्स से भूरे रंग के टेप से लिपटे पैकेट मिले।
- पवन कुमार गोंड की बाइक से 22 पैकेट गांजा बरामद हुआ।
- श्याम गोंड की बाइक से 28 पैकेट गांजा बरामद हुआ। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से वजन कराने पर कुल 50 पैकेटों में 72.621 किलोग्राम गांजा मिला, जिसे मौके पर ही जप्त कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम व पता:
- श्याम गोंड (26 वर्ष), पिता: किशन गोंड, निवासी: ग्राम टपराटोला, थाना व जिला: रायसेन (म.प्र.)
- पवन गोंड (26 वर्ष), पिता: दारा सिंह गोंड, निवासी: वार्ड नंबर 13, राहतगढ़, जिला: सागर (म.प्र.)
- प्रदीप चौहान (20 वर्ष), पिता: भीम सिंह चौहान, निवासी: ग्राम टपरापठारी, थाना व जिला: रायसेन (म.प्र.)
- Sanjay कुमावत (20 वर्ष), पिता: मदन कुमावत, निवासी: ग्राम टपरा पठारी, थाना व जिला: रायसेन (म.प्र.)
- विधि से संघर्षरत् बालक (नाबालिग) जिसे बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है।
इस टीम की रही सराहनीय भूमिका
इस बड़ी कामयाबी में थाना प्रभारी डौण्डीलोहारा निरीक्षक सुनील तिर्की, सउनि अनित राम यादव, प्र.आर. विरेन्द्र साहू, प्र.आर. दिगम्बर वर्मा, आरक्षक विनोद अजय, पुनम खरे, कुमलाल वर्मा, और रविशंकर देशलहरे की मुख्य भूमिका रही। वहीं सायबर सेल टीम बालोद से सउनि धरम भुआर्य, विपिन गुप्ता, पुरन देवांगन, भोपसिंह, आकाश दुबे, संदीप यादव और गुलजारी साहू का भी विशेष योगदान रहा।

