बालोद: जिले में धान खरीदी से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। जिस मामले में किसान के रिजेक्ट धान को बीज निगम के साथ साठगांठ कर खरीदी केंद्र में किसान ने बेच दिया। इतना ही नहीं इसी रिजेक्ट किए धान को बीज निगम में बेचने के फिराक में बीज निगम से लाखों का भुगतान भी पा लिया। पूरे मामले का खुलासा होते ही बीज निगम ने किसान के खाते से पैसे तो वापस ले लिये, मगर रकबे से अधिक धान बेचने और रिजेक्ट धान का बीज निगम से भुगतान करने के मामले में किसान का साथ देने पर पूरे मामले में बालोद कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कड़ा रुख करते हुए बीज प्रक्रिया केंद्र झलमला की जिला प्रबंधक माधुरी बाला को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दरअसल जिले के मार्रीबंगला देवरी तहसील अंतर्गत ग्राम खपराभाट के किसान सोहन लाल कश्यप का बीज प्रक्रिया केन्द्र झलमला एवं धान खरीदी केन्द्र देवरी में 10.71 हेक्टे. धान बोनी रकबा का पंजीयन हुआ है। कृषक के द्वारा एक ही पंजीकृत रकबे में बीज प्रक्रिया केन्द्र झलमला एवं धान खरीदी केन्द्र देवरी में समर्थन मूल्य पर धान का विक्रय किया गया है, जो कि कुल पंजीकृत रकबे में उत्पादन से अधिक मात्रा में दोनो स्थानों पर धान की बिक्री की गई है। किसान द्वारा 21 नवंबर 2025 को प्रथम टोकन में 198.40 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर धान खरीदी केन्द्र में विक्रय किया गया है एवं 29 दिसंबर 2025 को जिला प्रबंधक द्वारा उक्त किसान का धान रिजेक्ट किये जाने के फलस्वरूप 152 क्विंटल धान द्वितीय टोकन में खरीदी की गई है। इस प्रकार 675 हेक्टे. पंजीकृत रकबे में कुल 350.40 क्विंटल धान की खरीदी की गई।

भुगतान करने पश्चात राशि वापस लिया गया-
उसी कृषक के द्वारा 10 दिसंबर 2025 को 1 हजार 263 बोरी धान बीज निगम में विक्रय हेतु भेजा गया, जिसमें से 909 बोरी धान बीज निगम झलमलामें खरीदी हेतु प्रमाणित नहीं पाये जाने के कारण रिजेक्ट किया गया। जिसकी जानकारी सोसायटी को दी गई है। जिसके आधार पे दुसरे टोकन में सोसायटी द्वारा 29 दिसंबर 2025 को धान की खरीदी की गई है, बीज प्रक्रिया केन्द्र द्वारा धान बीज फेल किये जाने के उपरांत भी कृषक के खाते में राशि का भुगतान 24 दिसंबर 2025 को राशि 11 लाख 40 हजार 200 रुपये का कर दिया गया था, जिसे पुनः वापस लिया गया।
शिकायत पश्चात राशि वापस लेना एक गंभीर मामला-
बीज प्रक्रिया केन्द्र में धान का बीज फेल करने, के उपरांत कृषक के खाते में राशि अंतरण करना फिर शिकायत होने के पश्चात जांच के दौरान पुनः राशि वापस करना मामले में किसान और बीज प्रक्रिया केंद्र के जिला प्रबंधक की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करता है। उक्त किसान के द्वारा 10.71 हेक्टे में कुल 903.99 क्विंटल धान का विक्रय किया गया, जिसके लिये प्रबंधक बीज केंद्र है। जिले के किसी भी क्षेत्र में प्रति एकड़ 33.76 क्विंटल पान का उत्पादन नहीं हुआ है, किंतु धान उपार्जन केन्द्र एवं बीज प्रक्रिया केन्द्र में कुल 1 हजार 71 हेक्टे जमीन पर 903.99 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। धान को बीज प्रक्रिया केन्द्र में रिजेक्ट किये जाने के उपरांत खरीदी केन्द्र को सूचित किया जाना, किन्तु किसान को धान वापस न किया जाना एवं फेल धान की राशि किसान के खाते में भुगतान करना फिर शिकायत पश्चात राशि वापस लेना एक गंभीर मामला है। इन्हीं मामले पर अब कलेक्टर ने जिला प्रबंधक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, जहां माना जा रहा है, की एक बड़ी कार्यवाही होनी वाली हैं।

