बालोद टाइम्स
बालोद। सर्व आदिवासी समाज जिला बालोद द्वारा नगर पालिका परिषद बालोद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को एक ज्ञापन पत्र सौंपा गया है। समाज ने वर्ष 2017 के पूरक सीमांकन प्रतिवेदन का हवाला देते हुए अवैध कब्जे के मामले में सभी पर निष्पक्ष और समान कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पूरक सीमांकन प्रतिवेदन (दिनांक 08/02/2017) के अनुसार राजस्व निरीक्षक द्वारा कुल 63 परिवारों/लोगों की सूची तैयार की गई थी, जिसमें सभी का कब्जा अवैध पाया गया था। यह कब्जा वर्ष 1970 से बताया गया है।
समाज ने पत्र में आरोप लगाया है कि न्यायालयीन प्रक्रिया (व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी बालोद के व्यवहार वाद क्रमांक 32ए/2017) के निष्कर्षों को ध्यान में रखते हुए, संबंधित प्रश्नाधीन भूमि पर एक व्यक्ति विशेष (श्रीमती नैनी बाई देवांगन पति श्री जीवन लाल देवांगन, वार्ड क्रमांक 11 जवाहरपारा बालोद) द्वारा गैर-कानूनी तरीके से आधिपत्य जताया जा रहा है, जो कि असंवैधानिक है।

एकतरफा कार्रवाई का विरोध और चेतावनी
सर्व आदिवासी समाज का कहना है कि पूरक सीमांकन रिपोर्ट में शामिल सभी 63 अतिक्रमणकारियों पर समान रूप से विधि-सम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए। किसी भी एक व्यक्ति या परिवार पर एकतरफा या व्यक्तिगत कार्रवाई किए जाने का समाज कड़ा विरोध करता है।
समाज ने चेतावनी दी है कि यदि नगर पालिका प्रशासन द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जाती है या केवल एकतरफा कार्रवाई की जाती है, तो सर्व आदिवासी समाज उग्र कदम उठाने के लिए बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जवाबदेही नगर पालिका प्रशासन की होगी।

