बालोद। Chhattisgarh शासन की महत्त्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत जिला मुख्यालय बालोद के गंजपारा स्थित पोहा मिल में जिला स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले भर के कुल 163 जोड़ों का विधिवत रीति-रिवाज के साथ विवाह संपन्न कराया गया। पूरा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और शुभकामनाओं से गूंज उठा।
इस अवसर पर Vishnu Deo Sai एवं Lakshmi Rajwade वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने नवदंपत्तियों को शुभाशीष देते हुए उनके सुखद एवं समृद्ध दांपत्य जीवन की कामना की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज प्रदेशभर में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में कुल 6,414 जोड़े परिणय सूत्र में बंधकर नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं, जो एक ऐतिहासिक क्षण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह एक बड़ी चिंता होती थी, किंतु इस योजना के माध्यम से अब जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने योजना की शुरुआत करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष Raman Singh के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि योजना की प्रारंभिक सहायता राशि 5 हजार रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अब 35 हजार रुपये कर दिया गया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी वर्चुअल संबोधन में नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्री सुनील चंद्रवंशी, महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति श्रीमती चुन्नी मानकर, जनपद पंचायत बालोद की महिला एवं बाल विकास समिति सभापति श्रीमती भूनेश्वरी चंद्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
अतिथियों ने नवदंपत्तियों के बीच पहुंचकर उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया तथा वधुओं को मंगलसूत्र एवं बिछिया भेंट किए। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि विवाह जीवन का एक महत्वपूर्ण और पवित्र पड़ाव है तथा सभी नवदंपत्तियों के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 35 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की जाएगी। यह योजना सामाजिक समरसता और आर्थिक सहयोग का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई है।

