रायपुर – आरोपियों ने आबादी भूमि को स्वयं की बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक में यह फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर लोन प्राप्त किया गया था।
बैंक की शिकायत पर थाना तेलीबांधा में अपराध दर्ज।
प्रकरण में 02 आरोपी गिरफ्तार, जबकि 02 आरोपी फरार—जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी।
आरोपियों पर अपराध क्रमांक 410/24, धारा 420, 120B भा.दं.वि. के तहत अपराध पंजीबद्ध।
घटना का विवरण
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक की शिकायत पर जांच की गई।
जांच में पाया गया कि ऋणि/क्रेता निखिल रघुवंशी, माधव जाना एवं स्वप्न गुच्छेत ने आपस में मिलीभगत कर दूसरों की जमीन को अपना बताकर क्रय-विक्रय दस्तावेजों के माध्यम से बैंक से धोखाधड़ी की।
छ.ग. राज्य ग्रामीण बैंक की जांच कमेटी ने पाया कि आरोपियों द्वारा प्रस्तुत जमीन संबंधी दस्तावेज फर्जी हैं तथा आरोपियों ने ऋण राशि जमा भी नहीं की थी।
लोन राशि प्राप्त करने का विवरण —
निखिल रघुवंशी : ₹13.50 लाख
माधव जाना : ₹13.50 लाख
स्वप्न गुच्छेत : ₹8.00 लाख
इन तीनों ने विक्रेता मनोज सोनी के साथ मिलकर षडयंत्रपूर्वक फर्जी दस्तावेज तैयार किए और बैंक से कुल लाखों रुपये का लोन प्राप्त किया।
पुलिस जांच एवं गिरफ्तारी
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन और थाना प्रभारी तेलीबांधा के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम ने प्रार्थी से पूछताछ कर आरोपियों की तलाश शुरू की और मनोज सोनी एवं स्वप्न गुच्छेत को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि टिकरापारा क्षेत्र, पटवारी हल्का-114, खसरा नंबर 102, रकबा 2650 वर्गफुट की आबादी भूमि को वर्ष 2005 में खरीदा गया था। बाद में 2015-16 के दौरान इस भूमि को टुकड़ों में विभाजित कर निखिल रघुवंशी, स्वप्न गुच्छेत और माधव जाना को बेचा गया तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से लोन लिया गया।
दोनों गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही की गई है।
प्रकरण में शामिल अन्य 02 आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी हेतु सभी प्रयास जारी हैं।
गिरफ्तार आरोपी —
1. मनोज सोनी
पिता स्व. रमेश कुमार सोनी, उम्र 55 वर्ष
पता — मोती नगर, शारदा पंप के पास, गोदवारी नगर, थाना टिकरापारा, जिला रायपुर।
2. स्वप्न कुमार गुच्छेत
पिता सुदर्शन गुच्छेत, उम्र 48 वर्ष
पता — परसुराम नगर, गुप्ता किराना दुकान के पास, थाना पुरानी बस्ती, जिला रायपुर।

