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Balod Times

निरीक्षण में खुली स्वामी आत्मानंद स्कूल की पोल: DEO ने क्लर्क को थमाया शोकॉज, MDM और पढ़ाई के स्तर पर जताई नाराजगी

बालोद टाइम्स 

​दल्लीराजहरा। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) श्री दीपक दुबे एवं सहायक परियोजना समन्वयक (APC) श्री आर.आर. कृदत्त ने 01 अक्टूबर 2026 को नयाबाजार स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी/अंग्रेजी माध्यम विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शैक्षणिक स्तर, प्रशासनिक अभिलेखों और मध्याह्न भोजन व्यवस्था में गंभीर कमियां पाए जाने पर DEO ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधितों को 3 दिवस के भीतर व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम देते हुए कारण बताओ नोटिस (शोकॉज) जारी किया।

​शैक्षणिक स्तर पर दिखी लाचारी: 2-3 का पहाड़ा तक नहीं सुना पाए बच्चे

​निरीक्षण के दौरान DEO दीपक दुबे ने कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर का जायजा लिया:

  • ​कक्षा 7वीं और 8वीं: छात्र अंग्रेजी विषय की पुस्तक का अपेक्षित रूप से वाचन (रीडिंग) नहीं कर सके।
  • ​कक्षा 2री और 3री: बच्चे 2 और 3 का साधारण पहाड़ा तक नहीं सुना पाए।

​इस पर DEO ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक एवं संबंधित विषय शिक्षकों को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यार्थियों की बुनियादी पठन और गणितीय दक्षता में सुधार के लिए नियमित अभ्यास और उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) तत्काल शुरू किया जाए।

​”प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की मूलभूत शैक्षणिक दक्षताओं को मजबूत करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षकों को सीखने के स्तर का नियमित आकलन कर अतिरिक्त अभ्यास कराना होगा।” — दीपक दुबे, DEO

​MDM में मेन्यू का उल्लंघन और अभिलेखों में भारी गड़बड़ी

​विद्यालय की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं की जांच में भी कई खामियां उजागर हुईं:

  1. ​मध्याह्न भोजन (MDM): शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू का पालन नहीं किया जा रहा था। DEO ने गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन देने के सख्त निर्देश दिए।
  2. ​वित्तीय एवं सेवा अभिलेख: कैश बुक में आवश्यक हस्ताक्षर नहीं थे, अभिलेखों का संधारण अद्यतन नहीं था, कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका में नॉमिनी का विवरण दर्ज नहीं था और सेवा सत्यापन लंबित पाया गया।

​कार्यालयीन अभिलेखों में इस तरह की घोर लापरवाही पर जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित क्लर्क को शोकॉज (कारण बताओ) नोटिस जारी करने का आदेश दिया और स्पष्ट किया कि वित्तीय व सेवा संबंधी रिकॉर्ड्स में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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