बालोद टाइम्स
बालोद। वनांचल क्षेत्र के ग्राम बरही में DMF (जिला खनिज न्यास) मद से लगभग 15 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत पुल निर्माण कार्य में देरी के चलते ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। बारिश के कारण गांव का संपर्क कट चुका है, जिससे स्कूली बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज और ग्रामीणों की रोजमर्रा की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए संज्ञान लेते हुए प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बालोद विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा दूसरी बार निर्माण स्थल पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया।
🚨 अफसरों पर जताई नाराजगी, तत्काल ‘अस्थायी पुल’ बनाने के निर्देश
पूर्व में भी निरीक्षण कर जल्द काम शुरू कराने के निर्देश देने के बावजूद अब तक निर्माण शुरू न होने पर विधायक ने कड़ी नाराजगी जताई।
मौके पर ही उन्होंने जनपद पंचायत के एसडीओ, सरपंच एवं सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए कि:
जब तक स्थायी पुल नहीं बनता, तत्काल अस्थायी (डायवर्सन) पुल की व्यवस्था की जाए।
स्थायी पुल के निर्माण में हो रही प्रशासनिक देरी को दूर कर जल्द से जल्द काम शुरू कराया जाए।

🐅 बाघ की आहट से बढ़ी चिंता: संपर्क मार्ग बंद होने से वन विभाग को हुई परेशानी
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि दो दिन पहले गांव में बाघ के प्रवेश की घटना सामने आई थी। पुल न होने और मार्ग बाधित होने के कारण वन विभाग की टीम को गांव तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विधायक ने तुरंत फोन पर DFO (डीएफओ) से चर्चा की और निर्देश दिए:
गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
वन विभाग की टीम द्वारा नियमित गश्त (Patrolling) कराई जाए।
गांव और मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश (Lighting) की व्यवस्था सुनिश्चित हो।

ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं होने देंगे: संगीता सिन्हा
“वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसने नहीं दिया जाएगा। बारिश के दौरान आवागमन, बच्चों की शिक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में कोई बाधा न आए, इसके लिए अस्थायी पुल की व्यवस्था तुरंत शुरू कराई जा रही है। स्थायी निर्माण भी जल्द शुरू होगा।”
— संगीता सिन्हा, विधायक (बालोद)


