बालोद टाइम्स
बालोद। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने गुरूर विकासखंड के ग्राम पुरूर में विशेष जागरूकता व बाल संरक्षण अभियान चलाया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल सक्षम नीति 2022 का प्रभावी क्रियान्वयन करना और बच्चों को शोषण से बचाना है।
📍 झुग्गी-झोपड़ियों से बस स्टैंड तक पहुंची टीम
अभियान के दौरान टीम ने गांव की झुग्गी-झोपड़ियों, बाजार चौक, बस स्टैंड और विभिन्न वार्डों का दौरा कर बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान बाल अपराध, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति और सड़क जैसी विषम परिस्थितियों में रह रहे बच्चों की पहचान कर उनके संरक्षण व पुनर्वास के लिए जरूरी कदम उठाए गए।

🚛 महाराष्ट्र के घुमंतू परिवार को गृह ग्राम लौटने की सलाह
कार्रवाई के दौरान टीम को गोंदिया (महाराष्ट्र) का एक घुमंतू परिवार मिला, जो पिछले पांच दिनों से पुरूर में रह रहा था। टीम ने परिवार को समझा-बुझाकर अपने गृह ग्राम लौटने तथा बच्चों की शिक्षा और देखरेख गांव में ही सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।

📢 प्रशासन की अपील: सूचना दें, एक जीवन बचाएं
महिला एवं बाल विकास विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी या भिक्षावृत्ति कराना गैर-कानूनी है। यदि किसी भी स्थान पर बाल श्रम, भिक्षावृत्ति या बच्चों के शोषण की जानकारी मिले, तो तुरंत संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचना दें। आपकी एक सही समय पर दी गई जानकारी किसी बच्चे का भविष्य संवार सकती है।

🔹 मुख्य बिंदु एक नज़र में:
कहाँ चला अभियान: ग्राम पुरूर, विकासखंड गुरूर (जिला बालोद)
किसके निर्देश पर: कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा
किन कानूनों/नीतियों के तहत कार्रवाई: बाल श्रम प्रतिषेध अधिनियम 1986 एवं बाल सक्षम नीति 2022
प्रमुख फोकस: बाल श्रम, भिक्षावृत्ति, और सड़क पर रहने वाले बच्चों का रेस्क्यू व पुनर्वास।


