बालोद।
शुक्रवार, 26 दिसंबर को अखिल भारतीय हल्बा आदिवासी समाज के कर्मचारी प्रकोष्ठ एवं महिला मंडल, बालोद द्वारा आदिवासी समाज भवन के निर्माण हेतु वार्ड क्रमांक 14, सिंचाई कॉलोनी, बालोद में भव्य भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा संतोष चौधरी ने विधिवत भूमि पूजन कर कार्य का शुभारंभ किया। प्रस्तावित समाज भवन का निर्माण 25 लाख रुपये की लागत से सर्व-सुविधायुक्त किया जाएगा। इसी क्रम में शक्ति दिवस पर्व एवं मिलन समारोह का आयोजन भी किया गया।
कार्यक्रम में नपाध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा संतोष चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जबकि नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष श्री कमलेश सोनी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। आदिवासी समाज के कर्मचारी प्रकोष्ठ एवं महिला मंडल द्वारा अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया तथा प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अतिथियों ने शक्ति स्वरूपा माता दंतेश्वरी, भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं शहीद गेंदसिंह के तैलचित्रों पर पुष्पमाल्य अर्पित कर दीप प्रज्वलन किया। कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी समाज की महिलाओं एवं बच्चों द्वारा छत्तीसगढ़ी पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक नृत्य-प्रस्तुति से हुई।
अपने उद्बोधन में नपाध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा संतोष चौधरी ने समस्त हल्बा आदिवासी समाज को शक्ति दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शक्ति का वास्तविक अर्थ ज्ञान, एकजुटता और संगठित समाज है, जो आदिवासी समाज में स्पष्ट रूप से निहित है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा में आदिवासी समाज की भूमिका अनुकरणीय है। हमारी संस्कृति, भाषा और पहनावा ही हमारी असली शक्ति है, जिसे आज अन्य समाज भी गर्व से अपना रहे हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा— “कोई समाज छोटा या बड़ा नहीं होता, समाज अपनी सोच और कार्य से बड़ा बनता है। आदिवासी समाज भारत की जड़ों के समान है; जब तक ये जड़ें मजबूत रहेंगी, तब तक भारत समृद्ध, शक्तिशाली और आत्मनिर्भर रहेगा।”
साथ ही, उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और संस्कारों के संरक्षण की अपील की।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भुवनेश्वरी ठाकुर (उपाध्यक्ष, भाजपा जिला बालोद), अमित चोपड़ा (अध्यक्ष, भाजपा शहर मंडल), महेश पाठक (उपाध्यक्ष, भाजपा शहर मंडल), डॉ. रात्रे, आर्य जी, पार्षदगण गोमती रात्रे, आशा पटेल, सुनीता मनहर, गोकुल ठाकुर, पिस्दा सर सहित आदिवासी हल्बा समाज की मातृशक्ति, बहनें एवं सामाजिकजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

