बालोद टाइम्स
बालोद। जिले की बहुचर्चित सिंचाई कॉलोनी में युवती पर हुए एसिड अटैक मामले में मंगलवार को शहर में भारी आक्रोश देखने को मिला। घटना के विरोध में स्कूल-कॉलेज के छात्रों, राजनीतिक दलों और आम नागरिकों ने जमकर नारेबाजी की। वहीं, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी और सूझबूझ की चारों तरफ सराहना हो रही है। एसपी किरण चव्हाण के नेतृत्व में पुलिस बल ने भारी भीड़ के बीच न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखी, बल्कि दोनों आरोपियों को सुरक्षित न्यायालय पेश कर जेल भिजवाया।
‘फांसी दो’ के नारों से गूंजा शहर, कोर्ट में फेंके गए जूते-चप्पल
पुलिस द्वारा आरोपियों का मुंडन कराए जाने के बाद जब उन्हें सुरक्षा घेरे में न्यायालय ले जाया गया, तो सड़क के दोनों ओर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। ‘बेटी को इंसाफ दो’ और ‘आरोपियों को फांसी दो’ के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों के भारी आक्रोश के बीच कुछ लोगों ने आरोपियों पर स्याही और जूते-चप्पल भी फेंके। हालांकि, पुलिस जवानों ने अभेद्य सुरक्षा घेरा बनाकर आरोपियों को सुरक्षित निकाला और पेशी के बाद हेलमेट पहनाकर जिला जेल दाखिल करा दिया।

प्रेस वार्ता में हुआ साजिश का खुलासा
पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने प्रेस वार्ता में बताया कि 5 अक्टूबर को दोपहर करीब 12:30 बजे युवती जब लाइब्रेरी से घर लौट रही थी, तब उस पर एसिड फेंका गया था। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने युवती के पूर्व परिचित यश कुमार सोनकर (20 वर्ष, नेवारीकला) को हिरासत में लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि युवती द्वारा रिश्ता खत्म करने और शादी से इनकार करने से नाराज होकर यश ने अपने स्कूल फ्रेंड करण कुंजाम (20 वर्ष, भैरमगढ़, बीजापुर) के साथ मिलकर एसिड अटैक का षड्यंत्र रचा था। योजना के तहत 5 अक्टूबर को यश के कहने पर करण कुंजाम ने घटना को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया, जिसे पुलिस ने कोंडागांव से गिरफ्तार किया।

बालोद अधिवक्ता संघ का बड़ा फैसला
घटना की गंभीरता और जनभावनाओं को देखते हुए बालोद अधिवक्ता संघ ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि संघ का कोई भी वकील आरोपियों की ओर से कोर्ट में पैरवी नहीं करेगा।

पुलिस की तत्परता और कार्यशैली की सराहना
उग्र भीड़ और तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण, एएसपी चंद्रकांत गवर्ना, एसडीओपी विनय साहू, थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा सहित कोतवाली व साइबर टीम ने जिस संयम और तत्परता से स्थिति को संभाला, उसकी शहर में काफी तारीफ हो रही है। पुलिस ने एक ओर उग्र भीड़ को नियंत्रित रखा, तो दूसरी ओर न्यायिक प्रक्रिया को बिना किसी बाधा के पूरा कराया।


