बालोद टाइम्स
बालोद (छत्तीसगढ़)। प्राकृतिक सुंदरता और आस्था के संगम स्थल माँ सियादेवी मंदिर, नारागांव (तहसील-गुरूर, जिला-बालोद) में इस वर्ष कुंवार नवरात्रि महोत्सव 2026 का आयोजन 11 अक्टूबर से 20 /10/2026 तक बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा भाव के साथ किया जा रहा है।
सियादेवी मंदिर ट्रस्ट नारागांव द्वारा आयोजित इस दस दिवसीय धार्मिक महोत्सव में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, जस गायन, पूजा-अर्चना और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित होंगी।
प्रमुख धार्मिक कार्यक्रम एवं मुहूर्त:
- घट स्थापना, वेदी स्थापना एवं दीप प्रज्वलन: 11 अक्टूबर 2026 (रविवार, कुंवार शुक्ल पक्ष 01) को दोपहर 11:36 बजे से 12:24 बजे तक।
- पंचमी पूजन (श्री पंचमी): 15 अक्टूबर 2026 (गुरुवार, कुंवार शुक्ल पक्ष 05) को दोपहर 11:00 बजे।
- दुर्गाष्टमी / अष्टमी हवन एवं नवकन्या पूजन: 19 अक्टूबर 2026 (सोमवार, कुंवार शुक्ल पक्ष 08) को दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक।
- शोभायात्रा एवं मूर्ति विसर्जन: 20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार, कुंवार शुक्ल पक्ष 09) को सुबह 10:00 बजे से।
- प्रतिदिन महाआरती: सुबह एवं संध्या 7:00 बजे।
- नित्य अनुष्ठान: प्रतिदिन पंडित सुनील पांडेय द्वारा दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन, हनुमान चालीसा एवं हनुमानाष्टक का पाठ किया जाएगा।
विशेष सांस्कृतिक एवं संगीत कार्यक्रम (दोपहर 01 बजे से):
- 15/10/2026 (गुरुवार): ‘जय माँ शीतला रामधुनी मण्डली’ (ग्राम-ओदरागहन, जिला-दुर्ग) द्वारा रानी चांगुना की भक्ति परीक्षा की मनमोहक प्रस्तुति।
- 15/10/2026 (रात्रि 07 बजे से): ‘फूलवारी दावना’ (ग्राम-तमोरा, जिला-बालोद) – मया के छईया डांस परिवार की छत्तीसगढ़ी लोक सांस्कृतिक प्रस्तुति।
- 16, 17 एवं 18/10/2026: भागवताचार्य दीदी कल्पना पांडेय (कांसी बनारस) द्वारा जगराता, भजन संध्या एवं जसगीत।
- 19/10/2026 (सोमवार): ‘जय माँ संतोषी परमानंद जस झांकी परिवार’ (ग्राम-तरौद, जिला-बालोद) की विशेष प्रस्तुति।
ट्रस्ट की अपील एवं सूचना:
- ज्योति कलश रसीद: मंदिर ट्रस्ट ने सूचित किया है कि प्रत्येक नवरात्रि प्रारंभ होने से 3 दिन पूर्व तक ही ज्योति रसीद काटी जाएगी, उसके बाद रसीद स्वीकार नहीं की जाएगी।
- पहुंच मार्ग: यह पावन स्थल धमतरी-बालोद मार्ग पर सांकरा से 7 किमी और झलमला से 15 किमी की दूरी पर स्थित है।
सियादेवी मंदिर ट्रस्ट नारागांव (मो. 90099 69692) ने सभी श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों को सपरिवार इस पावन महोत्सव में शामिल होकर पुण्य लाभ कमाने का सहर्ष आमंत्रण दिया है।



