बालोद टाइम्स
बालोद (छत्तीसगढ़)। जिले की कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने बेजुबान जानवरों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए इंसानियत की एक नई मिसाल पेश की है। तांदुला जलाशय के पास घायल अवस्था में तड़प रहे छह छोटे पिल्लों की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल संज्ञान लिया और पशु चिकित्सा विभाग को उनका बेहतर इलाज करने का निर्देश दिया।
कलेक्टर का तत्काल एक्शन, मौके पर पहुंची मोबाइल मेडिकल यूनिट
तांदुला जलाशय के आसपास छह पिल्ले गंभीर रूप से घायल पड़े थे। इस बात की जानकारी जैसे ही कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा तक पहुंची, उन्होंने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के उप संचालक डॉ. डी.के. सिहारे को मौके पर टीम भेजने और बेजुबानों का इलाज शुरू करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर के निर्देश मिलते ही पशु चिकित्सा विभाग की मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) तुरंत तांदुला किनारे पहुंची। डॉक्टरों की टीम ने सबसे पहले पिल्लों के घावों की साफ-सफाई और ड्रेसिंग की, जिसके बाद आवश्यक दवाएं व इंजेक्शन देकर उनका इलाज शुरू किया गया।

दो दिनों से जारी है इलाज, हालत में हो रहा सुधार
पशु चिकित्सा विभाग की टीम पिछले दो दिनों से लगातार इन बेजुबान पिल्लों की देखभाल और उपचार में जुटी हुई है। समय पर इलाज मिलने के कारण अब सभी छह पिल्लों की स्थिति में तेजी से सुधार आ रहा है।
मुख्य बिंदु विवरण
स्थान- तांदुला जलाशय किनारा, बालोद
पहला कदम- कलेक्टर के निर्देश पर मोबाइल मेडिकल यूनिट की त्वरित कार्रवाई
इलाज की स्थिति- पिछले 2 दिनों से लगातार इलाज जारी, हालत में सुधार
प्रशासनिक संदेश- संवेदनशीलता केवल इंसानों तक सीमित नहीं, हर जीव की रक्षा ही सच्ची मानवता है

शहर में हो रही कलेक्टर की मानवीय पहल की तारीफ
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा की इस तत्परता और संवेदनशीलता की बालोद शहर में जमकर सराहना की जा रही है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की इस पहल ने समाज को यह संदेश दिया है कि इंसानियत सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर बेजुबान जीव के प्रति दया और जिम्मेदारी ही सच्ची मानवता है।


